जबलपुर। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने सरकार के सार्थक ऐप के विरोध में लामबंद होकर सीएमएचओ को अल्टीमेटम दिया है। कर्मचारियों ने इस ऐप की बाध्यता को समाप्त करने की मांग की है। कर्मचारियों ने सीएमएचओ को बताया है कि वे शहर से दूरस्थ जगहों पर सेवाकार्य कर रही है। ऐसे में उनकी सुरक्षा मुख्य है।
कई बार ऐसे हालात बन जाते हैं, जहां सड़क से बीस-बीस किलोमीटर अंदर जाकर गांवों में काम करना पड़ता है। होता यह है कि कई बार समय पर नहीं पहुंच पाते हैं। इससे ऐप में यदि हाजिरी लगाएंगे तो उससे तो उनका वेतन प्रभावित होगा, जबकि वे समय पर पहुंचने की कोशिश करते हैं। इस आशय के संबंध में एक ज्ञापन सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा को सौंपा है, ताकि यह सरकार तक पहुंच सके और वे स्वास्थ्य कर्मचारियों की हकीकत से वाकिफ हो सके।
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के माध्यम से दिए गए ज्ञापन पर सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि सरकार ने नया सार्थक ऐप कर्मचारियों के लिए लाया है, जिसमें करंट लोकेशन के आधार पर उनकी उपस्थिति दर्ज की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह था कि कर्मचारी समय पर अपने स्थान पर पहुंचे और समय पर वे घर आए। लेकिन कर्मचारियों की समस्याएं यह हैं कि उन जगहों पर उनके रहने की व्यवस्थाएं नहीं है और न ही उनकी सुरक्षा की। ऐसे हालात में उनकी मांग है कि उन्हें इसमें कुछ छूट दी जाए, जिससे वे कार्यस्थल पर पहुंचे। कर्मचारियों की समस्याओं को देखते हुए उनके ज्ञापन को भोपाल भेजा जाएगा। उम्मीद यह है कि इनकी समस्याओं को देखते हुए सरकार कुछ न कुछ विकल्प ढूढ़ेगी।
