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' तड़के से महकेगा किचन ', आलू-प्याज, दाल की कीमतों में गिरावट


सब्जियों और दालों की नरमी से आम को राहत

जबलपुर/नई दिल्ली। अगस्त माह में कमोडिटी की कीमतों में नरमी से घर में बनी थाली की लागत में कमी आई है। इससे घरों का किचन तड़के से महक उठेगा। क्रिसिल इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक शाकाहारी थाली की कीमतों में लगभग 7 प्रतिशत और मांसाहारी थाली की कीमतों में 8 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह गिरावट मुख्य रूप से आलू-प्याज और दालों की कीमतों में कमी के कारण बताई गई है। 

रिपोर्ट में बताया गया है कि आलू और प्याज की कीमतों में सालाना आधार पर क्रमशः 31 प्रतिशत और 37 प्रतिशत की गिरावट आई है। एक साल पहले की समान अवधि में आलू का उत्पादन झुलसा रोग और मौसम परिवर्तन के कारण 5-7 प्रतिशत कम हुआ था, जिससे कीमतें बढ़ गई थीं। इस साल आलू का उत्पादन 3-5 प्रतिशत अधिक होने का अनुमान है। प्याज के उत्पादन में भी 18-20 प्रतिशत की वृद्धि के कारण कीमतों में गिरावट देखी गई है। दालों की कीमतों में भी पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत की गिरावट आई है। अधिक उत्पादन और उपलब्ध स्टॉक्स के कारण दालों की कीमतों में नरमी आई। टमाटर और वनस्पति तेल की कीमतों में वृद्धि ने थाली की कुल लागत में गिरावट को सीमित किया। रिपोर्ट के मुताबिक बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि निकट भविष्य में सब्जियों और दालों के उच्च आधार के कारण थाली की कीमतें पिछले वर्ष की तुलना में कम रहने की संभावना है। इसके अलावा पीली मटर और काले चने के मुफ्त आयात की अनुमति देने के सरकार के फैसले से दालों की कीमतों पर और दबाव पड़ने की उम्मीद है।

कहते हैं व्यवसायी

- सब्जियों के दामों में कमी का असर दाल, चांवल पर पड़ेगा। इससे बाजार में खरीदारी बढ़ेगी।

चंचल अग्रवाल, निवाड़गंज

- दालों में 14 प्रतिशत की गिरावट से डम्प स्टॉक तेजी नहीं पकड़ सकेगा। बाजार में अंडरकटिंग नहीं हो सकेगी।

- गौरव गुप्ता, उखरी


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