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नौकरी बचाने टीचर पिता ने नवजात को पत्थर से दबाया, चौथी संतान को जंगल में छोड़ा, रातभर चीटियों-ठंड से लड़ता रहा



⚠️चेतावनी :- "आगे संवेदनशील सामग्री है, जो कुछ लोगों को परेशान कर सकती है।
अपने जोखिम पर देखें।"⛔️

छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले के धनोरा चौकी क्षेत्र में एक शिक्षक दंपती ने अपनी तीन दिन की नवजात संतान को जंगल में पत्थर के नीचे दबाकर छोड़ दिया। आरोप है कि चौथी संतान होने पर नौकरी जाने के डर से उन्होंने यह कदम उठाया। ग्रामीणों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनकर उसे बचा लिया। फिलहाल मासूम जिला अस्पताल में भर्ती है और सुरक्षित है। पुलिस ने आरोपी माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
                           पुलिस के अनुसार आरोपी पिता बबलू डांडोलिया और मां राजकुमारी डांडोलिया (नांदनवाड़ी प्राथमिक शाला में शिक्षिका) के पहले से तीन बच्चे हैं। उन्हें डर था कि चौथी संतान होने पर सरकारी नियम के तहत राजकुमारी की नौकरी जा सकती है। इसी वजह से उन्होंने पूरी गर्भावस्था को छिपाए रखा। आरोपियों ने 23 सितंबर की रात करीब 3 बजे घर पर ही बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद दोनों ने नवजात को नांदनवाड़ी गांव के जंगल में ले जाकर पत्थर के नीचे दबा दिया और लावारिस छोड़कर आ गए।

रातभर ठंड और चींटियों के बीच लड़ता रहा मासूम-

अगली सुबह जब ग्रामीण जंगल की ओर गएए तो उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने पत्थर हटाकर देखा तो मासूम जिंदा था। डॉक्टरों के अनुसार रातभर ठंड में रहने और चींटियों के काटने से बच्चे को इन्फेक्शन का खतरा था। जिसके चलते उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया।

पुलिस पर नरमी बरतने का आरोप-

धनोरा पुलिस ने फिलहाल धारा 93 बीएनएस (लावारिस छोडऩा) के तहत केस दर्ज किया है। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि यह हत्या की कोशिश थी इसलिए इसमें धारा 109 बीएनएस (हत्या का प्रयास) भी लगनी चाहिए। लोगों ने पुलिस पर (खानापूर्ति) कर मामला रफा.दफा करने का आरोप लगाया है।

डीएनए टेस्ट के बाद ही अंतिम पुष्टि होगी

इस मामले में चौकी प्रभारी लखनलाल अहिरवार ने कहाए श्डीएनए टेस्ट के बाद ही अंतिम पुष्टि होगी। आगे की कार्रवाई उसी आधार पर की जाएगी।श् वहीं अमरवाड़ा बीआरसी विनोद वर्मा ने कहा यह घटना समाज के लिए शर्मनाक है। संबंधित शिक्षक पर नोटिस भेजकर जिला स्तर से कार्रवाई की मांग की जाएगी।

ऐसा रहा घटनाक्रम-

पुलिस अधिकारियों को पूछताछ में पता चला कि 23 को बच्चे का जन्म हआ, 

27 की रात को नन्दनवाड़ी में जंगल के पास फेंका, 28 को लोगों को बच्चा मिला, 28 पुलिस ने मामला दर्ज किया, 29 को आरोपियों की पहचान हुई




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