जबलपुर में सगाई की, दमोह में शादी-
कृतिका की फोटो देखकर मूलचंद और बेटा ऋ षभ शादी के लिए तैयार हो गए। कृतिका की चाची पुष्पा जैन ने दमोह से सगाई के लिए मूलचंद को जबलपुर बुलाया। 11 जून 2025 को संजीवनी नगर जबलपुर के एक होटल में कृतिका और ऋषभ की सगाई हुई, जिसमें मूलचंद ने कृतिका को 50,000 रुपए नकद दिए। दो दिन बाद पूरी गैंग कृतिका, उसकी बहन आयना, चाची पुष्पा और दलाल प्रकाश पटेल, मुन्ना चौहान और राधा ठाकुर दमोह के गढ़ाकोटा पहुंची। जहां होटल में शादी कराई गई। शादी के बाद कृतिका, ऋ षभ के साथ उसके घर आ गई। बाकी सब लोग बहन, चाची और दलाल जबलपुर लौट गए।
पहली साजिश, बेटी को कुछ दिन के लिए भेज दो-
शादी के बाद कृतिका फोन पर लगातार चाची पुष्पा और छोटी बहन आयना से संपर्क में थी। प्लान बन रहा था कि कैसे मूलचंद के परिवार को लूटा जाए। 10 दिन बाद चाची पुष्पा जैन ने मूलचंद को फोन कर कहा कि वे कुछ दिन के लिए कृतिका को दमोह से जबलपुर वापस ले जाना चाहते हैं। लेकिन ऋ षभ ने कहा कि परिवार के कुछ लोग अभी तक कृतिका से नहीं मिले हैं, वे देखने आने वाले हैं। यह सुनकर चाची और बहन का आने का प्लान कैंसिल हो गया।
दूसरी साजिश, कुंडलपुर दर्शन और फिर फरार
कृतिका ने दूसरा प्लान बनाया। उसने ऋ षभ से कहा कि वे कुंडलपुर दर्शन के लिए चलें। 23 जून 2025 को ऋ षभ, कृतिका को साथ लेकर कुंडलपुर पहुंचा। उसके पास करीब 6 लाख रुपए नकद थे और कृतिका ने शादी में मिले 5 तोला सोने के गहने पहन रखे थे। कमरा बुक करते समय जब ऋ षभ होटल से लौटा तो कृतिका कार से गायब मिली। ऋ षभ ने घंटों तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार उसने स्थानीय थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई।
रातों-रात मकान खाली कर, पूरा गैंग फरार
घटना के बाद मूलचंद और ऋ षभ जब कृतिका के संजीवनी नगर जबलपुर स्थित किराए के घर पहुंचे तो मकान मालिक ने बताया कि वह रातों-रात सामान समेट कर फरार हो गई है। जब संजीवनी नगर थाने में शिकायत की गई तो पुलिस ने कहा कि शादी दमोह में हुई है, इसलिए शिकायत दमोह में दर्ज की जाए। इसके बाद मूलचंद ने दमोह पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
उज्जैन में देखी फोटो, पीडि़त परिवार बोला, यही हैं वो-
उज्जैन पुलिस ने जब इस गैंग को पकड़ा और गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीरें जारी कीं जिसे देखते ही मूलचंद जैन के रिश्तेदार नितिन जैन ने पहचान लिया। नितिन पेशे से वकील है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में फैला ठगी रैकेट है। पहले लड़के तलाशते हैं फिर दलाल के जरिए रिश्ता तय करते हैं और शादी के बाद पैसे और गहने लेकर गायब हो जाते हैं।
जबलपुर में खंगाला जा रहा रिकॉर्ड-
इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल ही में उज्जैन और फिर शाजापुर में कृतिका जैन के साथ कुछ महिलाएं और पुरुषों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कुछ जबलपुर के निवासी हैं। सोमवार को दमोह के एक परिवार ने भी शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने शादी के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का आरोप लगाया है। जबलपुर पुलिस अब लुटेरी दुल्हन गैंग का रिकॉर्ड खंगाल रही है। यदि जबलपुर में भी इनके ठगी के मामले सामने आते हैं तो निश्चित रूप से सख्त कार्रवाई की जाएगी।