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कांग्रेस ने जलाई ' स्मार्ट मीटर ' की होली, रैली निकालकर बिजली दफ्तर घेरा, देखें वीडियो



जबलपुर।
जिला शहर कांग्रेस कमेटी ने गुरूवार को स्मार्ट मीटर के विरोध में रैली निकालकर बिजली दफ्तर घेरा है। कांग्रेसजनों ने बिजली मीटर की होली जलाई है। इनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर के तार पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं, जिस पर बिजली अधिकारी-कर्मचारी सहित प्रशासन खामोश है। कांग्रेसजनों ने एलान किया है कि अब वे स्मार्ट मीटर स्थापित होने वाली जगहों पर जनता से आव्हान करेंगे कि ऐसे मीटर न लगने दिया जाए।


कमेटी के जिलाध्यक्ष सौरभ शर्मा ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार और बिजली विभाग जनता को जवाब नहीं देते और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक जबलपुर में स्मार्ट मीटर नहीं लगाने दिए जाएंगे। जो स्मार्ट मीटर जबलपुर में जबरन लगाए गए, उन्हें बिजली विभाग नहीं निकलता तो कांग्रेस का आंदोलन और तेज़ होगा। यह जनता के अधिकारों की लड़ाई है और कांग्रेस इसे अंजाम तक पहुंचाकर रहेगी।

घेराव में मुख्य रूप से विधायक लखन घनघोरिया, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा, सेवादल अध्यक्ष सतीश तिवारी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मतीन अंसारी,बलवंत सिंह गुर्जर रविन्द्र कुछवाह,, राजेंद्र पिल्लई, डिकी जॉन ,असित रिंकू यादव, प्रमोद पटेल, यश घनघोरिया,सलिल चौकसे, कपिल श्रीवास्तव, आजम खान, गुलाम हुसैन, प्रमोद पटेल,  रितेश बंटी गुप्ता, आरिफ बेग,अनुज श्रीवास्तव, टीकाराम कोस्टा, अशोक यादव, रामदास यादव, राजेंद्र मिश्रा, पवन कन्नौजिया,मनोज श्रीवास्तव, निर्मल चंद जैन,फिरोज ठाकरे, समर्थ अवस्थी, सागर शुक्ला,खुर्शीद अंसारी पूजा सिंह निर्मल चंद जैन संजीव ठाकुर रमेश वोहीत, सोनू दुबे, जग्गू विश्वकर्मा,रवि सैलानी,हुकुमचंद जैन, अवधेश गुप्ता, अर्जुन चक्रवर्ती, फहीम खान , नरेंद्र गुप्ता, आदि के साथ सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे 


ये हैं मांगे

- जबलपुर में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तत्काल बंद की जाए।

- जब तक बिजली उपभोक्ताओं को सवालों के ठोस एवं संतोषजनक उत्तर नहीं दिए जाते, तब तक स्मार्ट मीटर का कोई भी इंस्टॉलेशन जबलपुर शहर में स्वीकार्य नहीं होगा।

- यदि स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान किसी गली-मोहल्ले में अराजक स्थिति उत्पन्न होती है,तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड की होगी।

- गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर महंगाई का डबल बोझ पड़ा है। किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों का जीना दूभर हो गया है। 


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