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माढ़ोताल हत्या का खुलासा, सिर पर हथौड़ा पटका और गला रेता
जबलपुर। मां को बचपन में खोने के बाद अब पिता का साया भी अमरजीत के सिर से उठ गया। यह हालात उसके कारण ही बने हैं। पुलिस ने बताया कि माढ़ोताल में रहने वाले सिख संगत के एक प्रवचनकर्ता अजीत सिंह की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके बेटे अमरजीत ने ही बड़ी बेरहमी से कर दी है। पुलिस ने अमरजीत को फरार होने के पहले ही दबोच लिया है। पुलिस पूछताछ में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि उसे पिता की डांट सहन नहीं हुई थी।
माढ़ोताल थाना प्रभारी नीलेश दोहरे ने बताया कि माढ़ोताल क्षेत्र में अजीत सिंह की खून से सनी बंद कमरे में लाश मिली थी। इस पेंचीदे मामले में पुलिस दल ने शव तो पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था, लेकिन घटनास्थल पर बारीकी से साक्ष्य बटोरे थे। इसके आधार पर पुलिस का शक उसके बेटे अमरजीत पर गया था। अमरजीत गायब था। पुलिस ने उसकी लोकेशन को ट्रे्स किया और आखिरी समय स्टेशन मिली, जहां पुलिस दल ने तुरंत छापा मारकर उसे पकड़ लिया था।
टीआई ने बताया कि अमरजीत से पूछताछ की गई तो उसका कहना था कि उसका बड़ा भाई अपने परिवार के साथ पुणे में रहता है। मां की बचपन में ही मृत्यु हो गई थी। उसके पिता उसे हर समय डांटते रहते थे, जिससे वह परेशान हो चुका था। इसी बात से खफा होकर अमरजीत ने पहले हथौड़े से पिता के सिर पर वार किया था। पिता के बेसुध होत ही उसके बाद धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने शव को कमरे में छोड़ दिया और खुद फरार हो गया था।