कोटा/जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में गार्ड राजेंद्र मीणा की जगह पदोन्नति परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने के गंभीर मामले में रेलवे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को चार्जशीट थमाई है। इन अधिकारियों में मुख्य कल्याण निरीक्षक बाबूलाल मीणा और कार्मिक विभाग के कार्यालय अधीक्षक मनीष मिश्रा और महेश शर्मा शामिल हैं। चार्जशीट के जवाब के बाद इन तीनों के खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह तीनों अधिकारी उस पदोन्नति परीक्षा केंद्र के सुपरवाइजर थे, जहां 20 सितंबर 2019 को यह धोखाधड़ी हुई थी। उनके सुपरविजन के दौरान ही राजेंद्र मीणा की जगह किसी डमी कैंडिडेट ने कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) दिया और उसे पास कर लिया। उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले को पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर ने भी गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश कोटा डीआरएम को दिये थे.
रेलवे ने इस कृत्य को गंभीर कदाचार मानते हुए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। यह परीक्षा कोटा शहर के एक कंप्यूटर सेंटर पर आयोजित की गई थी। इस धोखाधड़ी के जरिए परीक्षा पास करने के बाद राजेंद्र मीणा गार्ड बन गया था। इस मामले का खुलासा होने के बाद रेलवे ने हाल ही में राजेंद्र मीणा को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
गौरतलब है कि राजेंद्र मीणा का नाम हाल ही में कई विवादों में रहा है। डमी कैंडिडेट के जरिए पदोन्नति पाने के अलावा, उन पर मनीष मीणा नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी सपना मीणा को भी डमी कैंडिडेट के माध्यम से नौकरी दिलाने का आरोप लगाया था। इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही है। रेलवे ने सपना मीणा को भी नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
