khabar abhi tak

बारिश से बचने बैठी दो बहनों पर गिरी चट्टान, एक की मौत, एक घंटे तक दबी रही..!

छतरपुर। लवकुशनगर के बगमऊ गांव में दो बहनें चट्टान के नीचे दब गईं। गांव वालों ने बच्चियों को निकालने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाए। करीब एक घंटे बाद जेसीबी की मदद से दोनों को बाहर निकाला गया। बड़ी बहन की मौके पर ही मौत हो गई। छोटी बहन जिला अस्पताल में भर्ती है।

                                 खबर है कि ग्राम बगमऊ में रहने वाले राजेश रजक की बेटियां खुशबू उम्र 10 वर्ष व सोनम 12 वर्ष बकरी चराने खेत में गई थीं। बारिश होने पर दोनों चट्टान के नीचे बैठ गईं। इसी दौरान मिट्टी धंसने से चट्टान दोनों बहनों के ऊपर आ गई। सोनम ने वहीं दम तोड़ दिया। खुशबू गंभीर घायल हो गई। दो बच्चियों को चट्टान के नीचे दबे देख चीख पुकार मच गई। गांव के लोगों ने अपने स्तर पर प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो पाए, इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी की मदद से दोनों को बाहर निकाला। इसके बाद दोनों को लवकुशनगर अस्पताल ले जाया गया। एक तो डाक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया, दूसरी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

पिता दिल्ली में करते हैं मजदूरी-

दोनों बच्चियां अपने चाचा के पास रहती थीं। बच्चियों के पिता राजेश रजक दिल्ली में मजदूरी करते हैं। मां भी उन्हीं के साथ रहती है। घर पर दादी कुसुम और चाचा राकेश बच्चों की देखभाल करते हैं। परिवार में एक छोटा बेटा लवकुश 5 वर्ष है। हादसे के समय घर पर मकान का काम चल रहा था। बच्चियां गांव के लड़के की जगह बकरियां चराने खेत पर गई थीं। हादसे के बाद वहीं बकरी चरा रही एक महिला ने फोन कर गांव में जानकारी दी।

खदान संचालक पर लापरवाही का आरोप-

परिजनों का आरोप है कि पास की पत्थर खदान संचालक की लापरवाही से खेत में पत्थरों का ढेर डाला गया था। किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने की वजह से यह हादसा हुआ। संदीप रजक ;चचेरा भाईद्ध ने बताया कि यह घटना पूरी तरह खदान संचालक की लापरवाही के कारण हुई है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी-                                                                                     लवकुशनगर थाना प्रभारी अजय अंबे ने बताया कि खेत की मेड़ पर रखे पत्थर पर बच्चियां बैठी थीं। मिट्टी धसकने से चट्टान खिसकी और दोनों दब गईं। एक बच्ची का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा हैए दूसरी का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खदान के कारण कई हादसे हो चुके-

बच्ची के चचेरे भाई संदीप ने बताया कि कटहरा में फॉर्च्यून कंपनी लगभग 35 साल से पत्थर निकालने का काम कर रही है। यहां कई हादसे हुए हैं। कई बार लोगों ने फसल नष्ट होने की शिकायत भी की। आसपास की जमीन बंजर हो चुकी है। कुछ महीने पहले पत्थर ले जा रहे ट्रक ने गांव के कालीचरण और अजुद्दी अहिरवार को कुचल दिया था। दोनों की मौत हो गई थी। कंपनी पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस मामलों को वहीं रफा-दफा कर देती है।


Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak