पंजाब । अजनाला क्षेत्र में अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) के कई मामले सामने आए हैं, जिसके बाद पशुपालन विभाग और स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। यह एक घातक वायरल बीमारी है, जो केवल सूअरों को प्रभावित करती है।
पशुपालन विभाग के सहायक उप निदेशक रविंदर सिंह कांग ने जानकारी दी कि अजनाला के एक फार्म में कुछ सूअरों की मौत के बाद जांच करवाई गई। परीक्षण में कुछ नमूने पॉजिटिव पाए गए। उन्होंने बताया कि यह कोई फ्लू नहीं, बल्कि अफ्रीकी स्वाइन फीवर है जो केवल सूअरों को संक्रमित करता है। इसके फैलाव को रोकने के लिए प्रभावित सूअरों को नष्ट कर दिया गया है और फार्म की सफाई की जा रही है।
विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (WOAH) के अनुसार, यह बीमारी घरेलू और जंगली सूअरों में फैलती है और इसकी मृत्यु दर 100% तक हो सकती है। हालांकि, यह संक्रमण मनुष्यों या अन्य जानवरों में नहीं फैलता, लेकिन सूअर पालन और कृषि अर्थव्यवस्था पर इसका भारी असर पड़ता है।
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली की टीम ने 6 से 9 सितंबर तक चार दिवसीय राहत अभियान चलाया, जिसमें हजारों लोगों को प्राथमिक चिकित्सा और जीवन रक्षक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, अफवाहों पर ध्यान न दें और स्वास्थ्य एवं पशुपालन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
