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जबलपुर : रेलवे में जलसंकट 48 घंटे बाद भी बरकरार, सतना, इटारसी में ट्रेनों में भरा जा रहा था पानी

जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय के जबलपुर स्टेशन सहित तमाम रेल कालोनियों में जलसंकट 48 घंटे बाद भी बरकरार है. हालांकि रेल प्रशासन हरसंभव प्रयास करके इसे दूर करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन पूरी सफलता नहीं मिल पा रही है. आज भी नगर निगम के टैंकर्स से रेलवे के पुल नंबर 1 के पास स्थित जलशोधन संयंत्र में सप्लाई की जाती रही. वहीं लंबी दूरी की ट्रेनों में पानी भरने की जिम्मेदारी सतना, कटनी व इटारसी स्टेशनों को दी गई थी.

उल्लेखनीय है कि पिछले 48 घंटों से अधिक समय से रेलवे की जलापूर्ति नर्मदा तट ग्वारीघाट स्थित ललपुर से प्रभावित हुई है। रेलवे नगर निगम के टैंकरों व फायर ब्रिगेड के वाहनों से पुल नंबर के  पास बने जलशोधन संयंत्र में पानी मंगवा कर आपूर्ति का प्रयास कर रहा है, लेकिन ये प्रयास भी ऊंट के मुंह में जीरे के समान साबित हो रहा है.

रेलवे में पानी का यह संकट बुधवार 24 सितम्बर की देर शाम से शुरू हुआ, जो आज शुक्रवार 26 सितम्बर को भी जारी रहा. प्लेटफार्मों पर यात्रियों को स्टेशन पर जलापूर्ति तो प्रभावित रही ही, साथ ही नवरात्र के पावन पर्व के मौके पर शहर की तमाम रेल कालोनियों में हाहाकार मचा रहा। रेल कर्मचारी व उनके परिवार आसपास के क्षेत्रों में पानी के लिए भटकते रहे। नवरात्रि पर अधिकांश लोग उपवास हैं, उन्हें आज सुबह स्नान व पीने तक का पानी मुहैया नहीं हो सका है। वहीं रेल प्रशासन का दावा है कि टूटी पाइप लाइन को दुरुस्त कर दिया गया है. हालांकि आज सुबह रेल कालोनियों में पानी की व्यवस्था दुरुस्त करने का प्रयास किया गया, किंतु जितना पानी आम दिनों में दिया जाता था, उसमें काफी कटौती की गई थी.

रेल प्रशासन लगातार सुधार का कार्य कर रहा

बताया जाता है कि मंडल रेल प्रबंधक कमल कुमार तलरेजा अचानक आये जल संकट को देखते हुए जलशोधन संयंत्र में कई बार आ चुके हैं, इंजीनियर्स व तकनीकी स्टाफ लगातार ललपुर से आपूर्ति होने वाली पाइप लाइन में सुधार कार्य कर रहे हैं, किंतु अभी तक पूरी सफलता नहीं मिल सकी है. माना जा रहा है कि देर शाम तक या रात तक जल संकट से पूरी तरह से निजात पाया जा सकेगा.

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