उमरिया. मध्य प्रदेश के उमरिया जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने हल्दीराम कंपनी पर एक ग्राहक को कम वजन की नमकीन बेचने के मामले में एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही आयोग ने कंपनी को शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपए देने का भी आदेश दिया है।
400 ग्राम के पैकेट में 333 ग्राम नमकीन
मामला 19 जुलाई 2024 का है। स्थानीय ग्राहक राकेश दर्द्वंशी ने हल्दीराम कंपनी के 400 ग्राम वजन वाले आलू भुजिया नमकीन के दो पैकेट 180 रुपये में खरीदे थे। नमकीन के पैकेट का वजन कम लगने पर राकेश दर्द्वंशी ने बैच नंबर 24230 वाले पैकेट का वजन कराया। जांच में पाया गया कि पैकेट में नमकीन का वजन मात्र 333 ग्राम था। राकेश दर्द्वंशी ने बताया कि उन्होंने एक नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग स्थानों पर वजन कराया, लेकिन हर बार वजन 333 ग्राम ही निकला।
कंपनी को ईमेल, शिकायत, नहीं मिला जवाब
वजन कम पाए जाने के बाद आवेदक राकेश दर्द्वंशी ने तुरंत दुकानदार और हल्दीराम कंपनी को सूचना दी। उन्होंने कंपनी को बैच नंबर 24230 के कम वजन की फोटो खींचकर ईमेल भी की, लेकिन कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। राकेश दर्द्वंशी ने यह आशंका जताई कि देश भर में नमकीन के हजारों पैकेट बिकते हैं। यदि इसी तरह ठगी की जाएगी तो ग्राहक परेशान होंगे। इसके बाद उन्होंने 6 अगस्त 2024 को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसमें प्रबंधक हल्दीराम कंपनी (नागपुर, महाराष्ट्र), गणेश गुप्ता (सब डीलर हल्दीराम) और राजेश दसवानी के नाम शामिल करते हुए उन्हें नोटिस भी दिए गए, पर कोई जवाब नहीं मिला।
उपभोक्ता आयोग ने सुनाया बड़ा फैसला
जब कहीं से कोई जवाब नहीं मिला तो राकेश दर्द्वंशी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में शिकायत दर्ज कराई। लगातार सुनवाई के बाद आयोग ने अपना आदेश जारी किया। आयोग ने हल्दीराम कंपनी को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा का दोषी मानते हुए आवेदक को 1 लाख रुपए (जुर्माना) और 10 हजार रुपए (परिवाद की राशि) आदेश दिनांक के एक माह के अंदर अदा करने के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ता राकेश दर्द्वंशी ने आयोग को बताया है कि उन्हें यह राशि व्यक्तिगत रूप से नहीं चाहिए। उन्होंने पूरी राशि उमरिया के वृद्ध आश्रम के खाते में जमा कराने के लिए कहा।
