काउंसलिंग शुरू, लेह लद्दाख के छात्रों ने भी दिखाई रूचि
जबलपुर। नाना जी देशमुख वेटरनरी विश्वविद्यालय से वेटरनरी डॉक्टर बनने की होड़ मची हुई है। सरकार के द्वारा आरक्षित 25 सीटों में 35 कश्मीरी पंडित और लेह लद्दाख के छात्रों ने रूचि दिखाई है। इन सीटों के चयन के लिए काउंसलिंग शुरू हो गई है।
जबलपुर में नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के कॉलेज में वेटरनरी साइंस और फिशरी साइंस में बैचलर डिग्री की पढ़ाई होती है। विश्वविद्यालय में 25 सीटें जम्मू कश्मीर के विस्थापितों के लिए रिजर्व की गई हैं।
विवि में 24 सितंबर को इसकी काउंसलिंग हुई और इस बार 25 सीटों मैं एडमिशन लेने के लिए 35 से ज्यादा छात्रों ने फॉर्म भरे थे। यह कोटा 2022 से शुरू किया गया है। 2022 और 23 में मात्र चार बच्चे ही यहां पहुंचे थे। 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 14 हो गई थी। 2024-25 में 16 बच्चों ने एडमिशन लिया था, लेकिन इस साल ऐसा लगता है कि पूरी सीट भर जाएगी।
वेटरनरी यूनिवर्सिटी के कुलसचिव प्रोफेसर डॉ. एसएस तोमर ने बताया कि केंद्र ने दूसरी श्रेणी में सीटों को आरक्षित किया है। कश्मीर के माइग्रेंट कश्मीरी पंडितों के लिए आधी सीट सुरक्षित है। बाकी सीटों में जम्मू कश्मीर और लद्दाख के रहने वाले लोगों को एडमिशन दिया जाता है।
