
नई दिल्ली. वाहन मालिकों को अब 20 साल पुराने वाहन कबाड़ (स्क्रैप) में नहीं बेचना पड़ेगा। अपनी दोपहिया से लेकर कार और मालवाहक वाहनों का रिरजिस्ट्रेशन (पुनर्पंजीयन) करवा सकेंगे। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा नोटिफिकेशन जारी किया गया है।
इसके तहत वह दोगुना शुल्क और फिटनेस जांच कराने के बाद वह 20 साल पुराने वाहन भी चला सकेंगे। लेकिन, दोगुना शुल्क, फिटनेस जांच और पीयूसी कराना अनिवार्य होगा। केंद्र सरकार ने मोटर वाहन कानून के अनुसार लोगों को अपने वाहन के फिटनेस सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण करते समय दोगुना शुल्क देना होगा। नए नियम से कई पुराने वाहन धारकों को बड़ी राहत मिलेगी।
पंजीयन कराने के बाद वह इसे अधिकृत रूप से चला सकेंगे। केंद्र के नए नियमों के चलते जिन वाहनों का पंजीकरण 20 साल पूरे होने के बाद रद्द कर दिया जाता था, उन्हें अब फिर से पंजीकरण करने का मौका मिलेगा। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहन धारकों को अपनी पुरानी गाडिय़ां स्क्रैप नहीं करानी पड़ेगी। हालांकि, इससे प्रदूषण बढऩे की संभावना को ध्यान में रखते हुए नवीनीकरण शुल्क बढ़ाने के संदर्भ में आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।
सरकार को मिलेगा तिहरा लाभ
परिवहन मंत्रालय के नोटिफिकेशन से वाहन मालिकों के साथ ही राज्य और केंद्र सरकार को तिहरा लाभ मिलेगा। पुराने वाहन के रजिस्ट्रेशन से परिवहन विभाग को शुल्क, स्क्रैप कराने पर वाहन की कीमत के साथ नया वाहन खरीदने पर 5 फीसदी की छूट का प्रावधान है। साथ ही रोड टैक्स में 15 से 25 फीसदी रोड टैक्स में छूट भी मिलेगी। वहीं नई वाहन खरीदने पर केंद्र और राज्य सरकार को 18 फीसदी की जीएसटी का लाभ मिलेगा।