जबलपुर। संभाग की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडी में कचरा उठाने की व्यवस्था चौपट हो गई है। मंडी प्रांगण में सब्जियां तो बिक जाती है लेकिन पन्नियां बच जाती है, जिसे फेंक दिया जाता है और ये पन्नियां मवेशियों की गले की फांस बन रही है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि मंडी प्रांगण में मवेशियों के आने पर कोई रोकथाम नहीं है, जिससे सब्जियों के कचरे के साथ ये पन्नियां मवेशियों का निवाला बन रही है, जो आगे चलकर इन मवेशियों की जान ले रही है। गौरतलब है कि शहर में ऐसे कई मवेशियों के मामले सामने आए हैं, जिनमें ये पन्नियां उनके पेट से निकली है। कई मवेशियों की मौत तक हो चुकी है।
सफाई का ठेका दिखावा
कृषि उपज मंडी में सफाई का लाखों रूपयों का ठेका दिया हुआ है लेकिन प्रबंधन की सांठगांठ से सफाई व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। मनमाने ढंग से कचरा उठाया जा रहा है। कचरे के बीच मंडी हो रही है, जिसमें किसान और ग्राहक दोनों परेशान हैं।
प्रबंधन का सधा जवाब
कृषि उपज मंडी प्रबंधन का जवाब सधा हूुआ हमेशा रहता है, जिसमें हम कार्रवाई करेंगे। इसे दिखवाते हैं। हमने पहले कार्रवाई करवाई है, जैसे जवाब हैं, जो सिर्फ कहने तक सीमित है, इसना हकीकत से कोई वास्ता नहीं है।

