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रेल सेक्टर की दो दिग्गज कंपनियों ने बनाया ज्वाइंट वेंचर, स्टॉक्स पर रहेगी नजर


RVNL का शेयर 2.74% गिरकर ₹312.80 पर बंद हुआ

नई दिल्ली। रेलवे सेक्टर की दो बड़ी कंपनियों- टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड ने रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के ने मिलकर ज्वाइंट वेंचर बनाया है। यह नया वेंचर रेलवे मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी पहलों पर काम करेगी। इस वेंचर में Texmaco Rail की ओर से ₹4.90 करोड़ का निवेश नकद योगदान के रूप में किया जाएगा।

कितनी हिस्सेदारी?

समझौते के अनुसार, नई कंपनी में RVNL की 51% और Texmaco Rail के पास 49% हिस्सेदारी रहेगी। यह कंपनी माल और यात्री रोलिंग स्टॉक जैसे लोकोमोटिव, वैगन, कोच, ट्रेनसेट, मेट्रो कोच और अन्य स्पेशल रेलवे इक्विपमेंट की मैन्युफैक्चरिंग और मेंटिनेंस पर फोकस करेगी। यह रेल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट्स पर काम करेगी, रेलवे वर्कशॉप और डिपो का प्रबंधन करेगी। साथ ही, डोमेस्टिक और इंटरनेशनल टेंडर में भी हिस्सा लेगी।

यह ज्वाइंट वेंचर Texmaco Rail और RVNL दोनों के लिए रणनीतिक रूप से अहम है। Texmaco का मैन्युफैक्चरिंग एक्सपीरियंस और RVNL की प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन कैपेसिटी मिलकर भारत और वैश्विक स्तर पर संचालन और बाजार पहुंच को बढ़ा सकते हैं। यह वेंचर सरकार की रेलवे आधुनिकीकरण और 'मेक इन इंडिया' पहल से भी जुड़ा हुआ है, जिसका मकसद घरेलू स्तर पर उत्पादन और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बढ़ावा देना है।


कंपनियों के शेयरों का हाल

मंगलवार को Texmaco Rail का शेयर बीएसई पर 2.81% गिरकर ₹138.50 पर बंद हुआ। Texmaco Rail का शेयर पिछले 1 महीने में 6.83% नीचे आया है। बीते एक साल में स्टॉक 43.56% क्रैश हुआ है। वहीं, RVNL का शेयर मंगलवार को 2.74% गिरकर ₹312.80 पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 11.78% और 1 साल में 45.71% नीचे आया है।

जून तिमाही के नतीजे

जून तिमाही में Texmaco Rail का मुनाफा सालाना आधार पर 50.5% घटकर ₹29 करोड़ रह गया। इसकी वजह रेलवे से वैगन व्हीलसेट्स की कमी बताई गई, जिससे पूरे उद्योग पर असर पड़ा। कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू भी 16.3% घटकर ₹911 करोड़ रह गया। हालांकि, मैनेजमेंट का कहना है कि अब व्हीलसेट्स की सप्लाई सुधर चुकी है और रेवेन्यू में रिकवरी शुरू हो गई है।

RVNL के तिमाही नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी का रेवेन्यू 4.1% घटकर ₹3,908 करोड़ रहा। वहीं EBITDA 71% गिरकर ₹52 करोड़ रह गया। EBITDA मार्जिन 4.5% से घटकर 1.4% पर आ गया, यानी 300 बेसिस पॉइंट से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। वहीं, नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 40% घटकर ₹224 करोड़ से घटकर ₹134 करोड़ पर आ गया।

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