जबलपुर। एमपी के जबलपुर में आज कांग्रेस की वोट न्याय यात्रा का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किया। कार्यक्रम में कई दिग्गज नेता और विधायक शामिल हुए। पटवारी गोल बाजार से होते हुए कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। गोल बाजार में सभा के बाद यात्रा कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च कर घेराव किया।
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से चर्चा में जीतू पटवारी ने महिलाओं के शराब पीने वाले बयान पर कहा कि मैं माता-बहनों से आग्रह करता हूं। मेरी भी दो-दो बेटियां है। मैं मानता हूं कि हमारे परिवार कोई नशा करके आता है तो माता-बहनों और मां-बाप खून के आंसू रोते हैं। भारत सरकार की सारी एजेंसियां कहती है कि मध्यप्रदेश शराब का केंद्र बन गया है। तो क्या विपक्ष इस बात को नहीं उठाए। हर तरह का नशा युवाओं में बढ़ रहा है। हर तीन महीने में ड्रग्स का जखीरा पकड़ा जाता है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री प्रहलाद पटेल, विश्वास सारंग के साथ ड्रग्स के व्यापारियों का फोटो आता है। मैं प्रदेश की बहनों से पूछना चाहता हूं कि अगर आपके घर में कोई नशा करके आता है और उसकी दोषी बीजेपी है तो क्या मैं उसकी आवाज नहीं उठाऊं। जो शराब 100 रुपए की प्रिंट है कि उस पर 110 रुपए लेते हैं। शराबियों को भी ये ठगते हैं। तो क्या मैं आवाज नहीं उठाऊं। आप मेरी छवि खराब करना चाहते हैं। मोहन यादव हम एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे। आपने शराबी प्रदेश बना दिया है। आपने एक वादा भी पूरा नहीं किया। मल्टी शहरों में जाकर देखो पबों में क्या हो रहा है और आप मुझे कहते हैं कि आवाज मत उठाओ। 100 बार उठाएंगे। रैली के अंत में कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चुनाव में हुई कथित गड़बडिय़ों की निष्पक्ष जांच कराने और सरकार के खिलाफ संवैधानिक कदम उठाने की मांग की गई। इसमें महंगाई, युवाओं की बेरोजग़ारी, किसानों की समस्याएं और कानून-व्यवस्था से जुड़ी विफलताओं को भी प्रमुखता से उठाया गया।
कांग्रेस नेता बोले यह सिर्फ शुरुआत है, पूरे प्रदेश में रैली, प्रदर्शन होगें-
कांग्रेस नेताओं ने ऐलान किया कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में इसी तरह की रैलियां और धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन तब तक चलेगा जब तक जनता को न्याय और लोकतांत्रिक अधिकार नहीं मिलते। जबलपुर की यह रैली कांग्रेस के लिए केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि राज्य में विपक्षी ताक़त को मज़बूत करने का प्रतीक भी है। इसने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ऊर्जा दी है और भाजपा सरकार पर दबाव बनाने का नया माध्यम प्रदान किया है। आने वाले महीनों में यह अभियान प्रदेश की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन सकता है।
अंधमूक वायपास पर किया न्याय यात्रा का स्वागत-
इससे पहले न्याय यात्रा में जीतू पटवारी का स्वागत अंधमुख बायपास पर किया गया। इसके बाद उनका काफिला धनवंतरी नगर, त्रिपुरी चौक, मदन महल व तीन पत्ती चौराहा होते हुए शहीद स्मारकए गोल बाजार पहुंचा। यहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के बाद वे कलेक्ट्रेट घेराव के लिए पदयात्रा का नेतृत्व किया।