जबलपुर। पुलिस ने मोटर साइकलें चोरी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में दो नाबालिग है। इनके कब्जे से पुलिस ने चार मोटर साइकलें बरामद की है। आरोपी पलक झपकते ही मोटरसाइकलें चोरी कर भाग जाते थे। पुलिस अब आरोपियों से शहर में हुई चोरी की अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। केन्ट पुलिस के अनुसार गली नम्बर चार निवासी सुनील बर्मन उम्र 35 वर्ष पेंटीनाका स्थित रियाज होटल में काम करता है। 24 जुलाई को रात 11.30 बजे के लगभग सुनील अपनी मोटर साइकल क्रमांक एमपी 20 एनसी 9063 से घर आया। देर रात अज्ञात तत्व मोटर साइकल चोरी कर ले गए। सुबह देखा तो मोटर साइकल नहीं थी। जिसकी शिकायत थाना केंट में की गई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरु कर दी। आज सुबह क्राइम ब्रांच की टीम को चार लड़के पहलवान बाबा मंदिर के सामने संदिग्ध हालत में मिले, जिन्हे पुलिस ने रोककर वाहन संबंधी कागजात की मांग की। लेकिन वे कागजात नहीं दिखा पाए। संदेह होने पर पुलिस ने चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होने वाहन चोरी करना स्वीकार लिया। पकड़े गए आरोपी शाहरूख खान उम्र 25 वर्ष निवासी टेढी नीम बाबा टोला हनुमानताल एवं शहनवाज अंसारी उर्फ डेफिनेट पिता वहीद उम्र 25 वर्ष निवासी नेता कालोनी खेरमाई मंदिर के पास अधारताल च दो नाबालिग उम्र 15 व 17 वर्ष बताई। पुलिस ने चारों के कब्जे से चार मोटर साइकलें बरामद की है। शहनवाज अंसारी ने सदर की गली नम्बर चार से मोटर साइकल चोरी करना स्वीकार लिया।
इन क्षेत्रों से चोरी की बाइक-
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होने बल्देवबाग चौराहा, अंधमूक बायपास चौराहा, एल्गिन अस्पताल के सामने से मई व जुलाई के महीने में चोरी की है। पुलिस अब आरोपियों से शहर में हुई वाहन चोरी की वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोटर सायकिल क्रमांक एमपी 20 एनसी 9063, एच एफ डीलक्स मोटर साईकिल एमपी 20 एनसी 3430, मोटर साईकिल सीजी 04 डीडी 8493 तथा बिना नम्बर की स्प्लेण्डर मोटर सायकिल जप्त की है।
आरोपियों को पकडऩे में इनकी रही सराहनीय भूमिका-
वाहन चोरी के मामले में आरोपियों को पकडऩे में क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी शैलेष मिश्रा, केन्ट टीआई पुष्पेंद्र पटेल, एएसआई जगदीश सिंह, आरक्षक रवि शंकर शुक्ला, राजेश शर्मा, बलराम, योगेन्द्र, बंसत, संदीप, क्राइम ब्रांच के एएसआई कैलाश मिश्रा, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र, आरक्षक सतेन्द्र बिसेन, प्रमोद सोनी, त्रिलोक पारधी, राजेश मातरे व राजेश मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही।