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| मृतक राजवीर और उसका परिवार। फाइल फोटो |
'प्यार की खातिर अपने हंसते-खेलते परिवार को तबाह करने वाली समाजकंटक कुछ ऐसी महिलाएं हैं जो आज में जी रही हैं। इन्हें अपने बच्चों के भविष्य और परिवार से कोई सरोकार नहीं है। बबली जैसी दुल्हन ऐसा रूप दिखा रही हैं, जो परिवार के लिए जहर बन रही हैं।'
आगरा। आगरा के बमरौली कटारा के बादशाही गांव में रहने वाली एक तेज तर्रार बहू बबली के कारनामों ने समाज में ऐसा जहर बो दिया है कि बहुओं पर परिजनों का विश्वास मिटता जा रहा है। यह बात गांव के सिंह परिवार की है, जिसमें बबली नाम की बहू है। बबली अपने पति की हत्या के जुर्म में जेल काट चुकी है। जेल से बाहर आने के बाद प्रेम की खातिर उसने अपने पिता तुल्य ससुर को भी निपटा दिया और प्रेमी के साथ भागने की तैयारी कर रही बहू को पकड़ लिया।
यह घटना बमरौली कटारा क्षेत्र के महल बादशाही गांव की है। डीसीपी पश्चिमी जोन अली अब्बास ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह 8 बजे गांव के लोगों ने पुलिस को फोन पर बताया कि बाजरे के खेत में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। मृतक के गांव का नहीं होने की वजह से आसपास के थानों में सूचना दी गई। इस पर एत्मादपुर स्थित गांव अगवार निवासी मुन्नी देवी आईं। उन्होंने मृतक की पहचान पति राजवीर सिंह के रूप में की। मुन्नी देवी ने पुलिस को बताया कि बेटे हरिओम की 6 साल पहले हत्या हुई थी। इसमें बहू बबली जेल गई थी। 5 साल 4 महीने जेल में रही थी। 11 महीने पहले छूटकर आई थी। बहू के संबंध महल बादशाही निवासी प्रेम सिंह से चल रहे हैं। इस वजह से ही पति को मार डाला था। उनकी दो पाैत्रियां हैं। वह दो महीने से अपनी 2 बेटियों को अपने साथ लेकर दिगनेर क्षेत्र में रह रही थीं।
पुलिस छानबीन में यह सामने आया कि मुन्नी के पति राजवीर चाहते थे कि बहू दोनों पाैत्रियों को ससुराल में छोड़ दें, जिससे उनका लालन पालन ठीक से हो सके। मगर बबली तैयार नहीं थी। बुधवार दोपहर को पति राजवीर को फोन किया। बताया कि उसे बात करनी है जिससे विवाद का निपटारा हो सके। वह तैयार हो गए। उस समय घर में खाना खा रहे थे। घर से निकल गए। इसके बाद लाैटकर नहीं आए। उन्होंने पुलिस को लापता होने की सूचना दी।
डीसीपी ने बताया कि आरोपी प्रेम सिंह पुराना अपराधी है। वर्ष 2016 में वह थाना डाैकी से दुष्कर्म के मामले में जेल भेजा गया था। जमानत पर बाहर आया था। फिरोजाबाद में अवैध संबंध में एक अन्य महिला के पति की हत्या कर दी थी। वो फिर से जेल भेजा गया। उसके परिवार के कुछ लोग और भी जेल में हैं। वह कुछ समय बाद जेल से बाहर आ गया। अपने रिश्तेदारों से मिलने जाता था। तभी उसकी मुलाकात फिरोजाबाद की एक आरोपी महिला से हो गई। उस समय बबली भी जेल में बंद थी। महिला और बबली के बीच दोस्ती थी। बबली को पति की हत्या में जेल भेजा गया था। इस वजह से परिजन उसका साथ नहीं दे रहे थे। जमानत के लिए उसने महिला से बात की। महिला ने प्रेम सिंह को बताया। कहा कि वह उससे शादी कर सकता है। प्रेम सिंह की पत्नी नहीं है। उसने 11 महीने पहले बबली को जमानत दिलवा दी।
आरोपी बबली जेल से बाहर आने पर अपने ससुराल में 16 और 17 साल की दो बेटियों के साथ रहने लगी। परिजन ने बताया कि बबली के जेल जाने के बाद उसे 8 साल के बेटे ने आत्महत्या कर ली थी। उसे शक था कि ससुरालियों ने बेटे को मार दिया है। इससे वो मन ही मन रंजिश मान रही थी। दो महीने पहले दिगनेर में किराये पर कमरा लेकर रहने आ गई। अपनी बेटियों को भी ले आई। मगर राजवीर चाहते थे कि दोनों पाैत्री घर आ जाएं। पुलिस अधिकारियों को प्रार्थनापत्र देकर दोनों को दिलाने की गुहार भी लगाई थी।

