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जबलपुर रेल मंडल प्रशासन ठेकेदारों की कर रहा घनघोर उपेक्षा, संरक्षक राजेश कैला ने सांसद से की शिकायत

गणेश सिंह ने एडीआरएम को 15 अगस्त के पहले डीआरएम से बैठक कराने के दिये निर्देश

सतना। पश्चिम मध्य रेलवे में ठेकेदारों की उपेक्षा का सिलसिला रेल प्रशासन द्वारा लगातार किया जा रहा है, साथ ही लंबित समस्याओं को लेकर मंडल रेल प्रबंधक द्वारा मीटिंग भी नहीं की जा रही है, जिस पर जबलपुर रेलवे कांट्रेक्टर एसोसिएशन के संरक्षक राजेश कैला ने रविवार 3 अगस्त को सांसद गणेश सिंह से भेंट की। इस दौरान उन्होंने रेल मंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन भी सांसद को सौंपा, जिसमें रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ठेकेदारों की समस्याओं को नजरअंदाज किए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया।

राजेश कैला ने बताया कि बीते तीन महीनों से संगठन की ओर से लगातार डीआरएम जबलपुर से मीटिंग की मांग की जा रही है। इसके लिए पत्राचार कर कई बार समय मांगा गया, लेकिन सीनियर डीईएन (को) और अन्य अधिकारियों द्वारा ठेकेदार संगठन को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि समय पर बैठक न होने से न केवल कार्यों की गति प्रभावित हो रही है, बल्कि आपसी समन्वय भी टूट रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर अनेक बाधाएं खड़ी हो रही हैं।

सांसद गणेश सिंह ने ठेकेदार संगठन की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एडीआरएम आनंद कुमार से चर्चा की और निर्देश दिए कि 15 दिन के भीतर डीआरएम और कांट्रेक्टर एसोसिएशन की बैठक कराई जाए। उन्होंने कहा कि ठेकेदार रेलवे की रीढ़ हैं और उनके साथ समन्वय आवश्यक है, जिससे परियोजनाओं को समय पर पूर्ण किया जा सके।

सांसद गणेश सिंह ने रेल निर्माण कार्यों की गति पर जताई नाराजगी

रीवा-पुणे ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के दौरान अपने संबोधन में भी सांसद गणेश सिंह ने रेलवे के अधीन चल रहे निर्माण कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रिज्म सीमेंट, सेमरिया रोड और भदनपुर जैसे क्षेत्रों में आरओबी का काम अत्यंत धीमा है, जबकि राज्य सरकार के कार्य तेज गति से पूर्ण हो रहे हैं। यह स्थिति अस्वीकार्य है और इसमें सुधार आवश्यक है।

सांसद के निर्देश पर एडीआरएम ने दिया मीटिंग का आश्वासन

एडीआरएम ने सांसद को भरोसा दिलाया कि इस माह के अंत तक मीटिंग कर ली जाएगी, लेकिन संरक्षक राजेश कैला ने आपत्ति जताते हुए स्पष्ट कहा कि सिर्फ आश्वासन नहीं, 15 दिन में ठोस बैठक होनी चाहिए, जिससे ठेकेदारों की समस्याएं हल हो सकें। इस पर सांसद ने एडीआरएम को निर्देशित किया कि 15 दिनों की समयसीमा में ही बैठक सुनिश्चित करें और हर समस्या के समाधान की पहल करें।

ठेकेदारों के भुगतान में मनमानी, अनावश्यक हो रहा विलंब

ज्ञापन में ठेकेदारों के भुगतान में हो रही देरी, कार्य के दौरान अधिकारियों की मनमानी, और समन्वय की कमी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। सांसद ने आश्वासन दिया कि वे स्वयं इस प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और ठेकेदारों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण कराया जाएगा। वही संरक्षक राजेश कैला से सतना सांसद ने कहा कि डीआरएम के साथ हुई ठेकेदारों के मिनिट्स की कॉपी मुझे देंगे.

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