REAL ESTATE : पार्टनरों की ' विनय ' काम नहीं आई, लगाई 7.5 करोड़ की चपत


आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) पहुंचा मामला, एफआईआर दर्ज

जबलपुर। बिल्डरों के द्वारा खरीदार को चपत लगाने के कई मामले सामने आए हैं लेकिन एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है, जिसमें बिल्डर एवं प्रमोटर कंपनी के पार्टनरों ने ही अपने साथियों के फर्जी हस्ताक्षर और कतिपय तरीकों से 7.5 करोड़ रुपयों से अधिक राशि से चपत लगा दी है। इस मामले में बुधवार को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ  (ईओडब्ल्यू) ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। बताया गया है कि इस मामले में फर्म के पार्टनर्स ने आरोपियों से सच्चाई बताने के लिए ' विनय ' की थी लेकिन आरोपी खुद को पाक-साफ बताते हुए अपनी बात पर अड़े हुए थे।

ईओडब्ल्यू उप पुलिस अधीक्षक स्वर्णजीत सिंह धामी के मुताबिक केपी बिल्डर एवं प्रमोटर के पार्टनर गढ़ा निवासी विनय दुबे, आकाश साहू उर्फ गोलू, गंगानगर निवासी धर्मप्रकाश राजपूत और अमित राजपूत के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया गया है कि केपी बिल्डर्स एण्ड प्रमोटर्स पंजीयन के दौरान 4 पार्टनर थे। इनमें मंगल प्रसाद पटेल, गिरीश पाण्डे, विनय दुबे और नरेन्द्र अग्रवाल थे। फर्म का पंजीयन 28 अप्रेल 2014 को किया गया था। कालांतर में नरेन्द्र अग्रवाल इस फर्म से अलग हो गये थे। नरेन्द्र के बाद सदर के बैंक में ती सिनेटरी थे। मंगल, गिरीश और विनय ने फर्म के नाम से कछपुरा में कॉलोनी विकसित की। 

बेलेंस सीट में 9 करोड़

नगर निगम ने 2017 को अपने आदेश से कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया गया, जिसमें विकास के लिये कराये गये कार्य के लिए कुल 3,5,00,0000 रुपये जमा किया गया। उधर, विनय दुबे ने प्रस्तुत बेलेंस सीट में उसे 9,22,03,928 रुपए बताया। 

नौकर-साथी और उसके भाई के खाते में भेजा पैसा

धामी का कहना है कि केपी बिल्डर्स से यह भी ज्ञात हुआ कि फर्म में काम करने के नाम पर अपने नौकर आकाश साहू के खाते में 36,85,000 रुपए चेक के माध्यम से सीमेंट, ईंट, रेत, मुरुम क्रय के नाम पर डलवा दिये। इसी प्रकार अपने साथी धर्मप्रकाश के खाते में मुरुम, सीमेंट, लोहा आदि के खर्चे के नाम पर राशि 62,74,680 रुपए डलवा लिये। धर्मप्रकाश के भाई अमित राजपूत के खाते में 39,56,200 रूपए रेत खरीदी के नाम पर डलवाये गए। इससे यह स्पष्ट है कि अपने पार्टनर्स को धोखे में रखकर नगर निगम के कार्य हेतु कुल राशि 6,17,03,928 रुपए अधिक निकाले तथा राशि 1,39,15,880 रूपए गिट्टी, मुरुम, रेत, लोहा, सीमेंट के नाम पर अपने परिचित व नौकर के नाम दर्शाकर उनके खातों में राशि जमा करा दी। प्रारंभिक छानबीन से जाहिर है कि विनय दुबे, आकाश साहू, धर्म प्रकाश राजपूत, अमित राजपूत ने फर्म के षड़यंत्र रचकर धोखाधड़ी करते हुए अपने पार्टनर्स को 7,56,19,808 रूपए गबन किया।

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