मुंबई. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे शनिवार को अपने भाई और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के साथ एक मंच पर नजर आए. मुंबई के वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में दोनों पार्टियों ने मराठी विजय रैली का आयोजन किया. इस रैली में दोनों पार्टियों के हजारों कार्यकर्ताओं साथ मराठी प्रेमी, साहित्यकार, लेखक, कवि, शिक्षक, संपादक और कलाकारों के अलावा अन्य क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी आमंत्रित किया गया. बता दें कि शनिवार को हुई रैली में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे करीब 20 साल बार किसी सार्वजनिक मंच पर एक साथ पहुंचे.
दोनों भाईयों ने शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
शिवसेना (यूबीटी) और मनसे की संयुक्त रैली की शुरुआत में दोनों भाई मंच पर नजर आए. उसके बाद दोनों भाईयों ने सबसे पहले शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर एक साथ माल्यार्पण किया. इस दौरान रैली में पहुंचे लोगों ने जोर-जोर से नारे लगाए.
शिवसेना (यूबीटी) और मनसे की संयुक्त रैली के दौरान राज ठाकरे ने कहा कि हमारे लिए हमारे लिए महाराष्ट्र किसी राजनीति और लड़ाई से बड़ा है. उन्होंने कहा कि मुझे हिंदी को कोई परेशानी नहीं है. लेकिन महाराष्ट्र में रहने वालों को मराठी आनी चाहिए, फिर चाहे वह गुजरात से हो या किसी और राज्य से. इसके साथ ही राज ठाकरे ने कहा कि जो काम बाबा साहेब ठाकरे नहीं कर पाए वो देवेंद्र फणडवीस ने कर दिया है. हम दोनों भाईयों को एक मंच पर लाने का काम.
हमें हिंदुत्व के बारे में सिखाने वाले आप कौन होते हैं: उद्धव ठाकरे
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने वर्ली में संयुक्त रैली को संबोधित करते हुए कहा कि, आप (शिवसेना) पहले ही हमारा काफी इस्तेमाल कर चुके हैं. अगर आपको बालासाहेब ठाकरे का समर्थन नहीं था, तो महाराष्ट्र में आपको कौन जानता था. आप हमें हिंदुत्व के बारे में सिखाने वाले कौन होते हैं? जब मुंबई में दंगे हो रहे थे, तब हम मराठी लोगों ने महाराष्ट्र के हर हिंदू को बचाया था, चाहे वह कोई भी हो. अगर आप मराठी लोगों को गुंडा कह रहे हैं जो अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, न्याय मांग रहे हैं. तो हां, हम गुंडा हैं.
यह मंच हमारे भाषणों से ज़्यादा महत्वपूर्ण- उद्धव ठाकरे
रैली के दौरान शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि, जब से हमने इस कार्यक्रम की घोषणा की थी, तब से सभी को आज हमारे भाषण का बेसब्री से इंतज़ार था, लेकिन मेरे विचार से हम दोनों का एक साथ आना और यह मंच हमारे भाषणों से ज़्यादा महत्वपूर्ण था. राज ठाकरे पहले ही बहुत शानदार भाषण दे चुके हैं और मुझे लगता है कि अब मुझे बोलने की कोई ज़रूरत नहीं है.
हम साथ रहने के लिए साथ आए हैं- उद्धव ठाकरे
वर्ली में आयोजित संयुक्त रैली के दौरान शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, "हम साथ रहने के लिए साथ आए हैं." बता दें कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में लागू करने के लिए दो सरकारी प्रस्तावों को रद्द करने के बाद, उद्धव ठाकरे गुट (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) मुंबई के वर्ली डोम में एक संयुक्त रैली कर रहे हैं.