हाथ की गदेली पर आरक्षक का नाम लिखकर फांसी पर लटका नगर परिषद कर्मी, पार्क में की आत्महत्या, परिजनों ने शव रखकर किया चकाजाम


सतना।  नागौद सतना स्थित रामना ग्राउंड पार्क में उस वक्त हड़कम्प मच गया। जब नगर परिषद के कर्मचारी सुदामा कोरी की लाश  पेड़ पर लटकते देखा गया। सुदामा कोरी की लाश मिलने की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते परिजनों सहित आसपास के लोग एकत्र हो गए। जिन्होने नागौद-जसो मार्ग पर जाम लगा दिया। मामले में देवेन्द्र नगर थाना में पदस्थ आरक्षक आशीष कोरी पर प्रताडऩा का आरोप लगाया है। जाम की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी पहुंच गए, जिनकी समझाइश के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया।                                                                                                                                               

 पुलिस अधिकारियों के अनुसार सतना के नागौद क्षेत्र में रहने वाला सुदामा कोरी नगर परिषद के रामना ग्राउंड स्थित पार्क में ड्यूटी करता रहा। आज सुबह सुदामा पार्क में ड्यूटी के लिए गए। जहां पर सुदामा ने शीशम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद लोग पार्क पहुंचे तो देखा कि सुदामा फांसी के फंदे पर लटक रहा है। सुदामा के फ ांसी लगाए जाने की खबर मिलते ही आसपास के लोगों सहित परिजन पहुंच गए। जिनकी सूचना पर पुलिस अधिकारी भी पहुंच गए। जिन्होने शव को नीचे उतरवाकर जांच की तो मृतक के हाथ पर देवेन्द्र नगर पन्ना थाना में पदस्थ आरक्षक आशीष कोरी का नाम लिखा मिला कि आरक्षक आशीष कोरी के पीछे जान दे रहा हूं। मेरे घर परिवार को कुछ नहीं होना चाहिए। मामले को लेकर दोपहर करीब एक बजे परिजनों ने शव रखकर नागौद-जसो मार्ग पर जाम लगा दिया। खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी बल सहित मौके पर पहुंच गए, जिन्होने परिजनों से चर्चा कर समझाइश देते हुए शांत कराया। करीब डेढ़ घंटे बाद आरक्षक पर जांच के बाद कार्यवाही का आश्वासन मिलने पर जाम समाप्त किया गया। जाम के दौरान सड़क के दोनों ओर जाम के वाहनों की लम्बी लाइन लगी रही।                                             


 परिजनों ने आरोप लगाया, एक दिन पहले दी थी धमकी-
 

परिजनों ने आरक्षक आशीष कोरी पर प्रताडऩा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक साल पहले सुदामा के पिता बाबूलाल कोरी ने भी आत्महत्या की थी। उस मामले में आरक्षक आशीष कोरी पर धारा 306 के तहत केस दर्ज हुआ था। इसी मामले की गवाही के लिए आशीष नागौद आया था। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान उसने सुदामा को फोन कर केस वापस लेने की धमकी दी थी। पुलिस मामले की जांच कर ही है। 

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