जबलपुर/भोपाल। एमपी में मानसून का सबसे स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव है, जिसके चलते आज पहली बार 53 जिलों में अति भारी व भारी बारिश का रेड, आरेंज व यलो अलर्ट है। वहीं दूसरी ओर शिवपुरी में बारिश के चलते रेल ट्रेक की मिट्टी धसक गई, सड़क बह गई। इसके अलावा बैतूल में ओएचई गार्ड टूट गया है।
शिवपुरी में रेलवे ट्रैक के किनारे धंसी मिट्टी, दो कच्चे मकान गिरे
शिवपुरी में भारी बारिश के चलते बदरवास रेलवे स्टेशन से करीब 5 किलोमीटर दूर गुना की ओर ईश्वरी गांव के पास रेलवे ट्रैक के किनारे की मिट्टी धंस गई है। इस ट्रैक से गुजरने वाली ट्रेनों की रफ्तार धीमी कर दी गई है। रेलवे और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर ट्रैक की मरम्मत में जुटी हैं। वहीं बैराड़ तहसील के नदौरा गांव में गिर्राज परिहार का कच्चा मकान बारिश के चलते गिर गया। गृहस्थी का सारा सामान मलबे में दब गया। उधर करैरा क्षेत्र के बालीशा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से ओमकार लोधी का मकान पूरी तरह ढह गया। ओमकार का हाथ फ्रैक्चर हो गया।
एक नजर इन जिलों पर-
-शिवपुरी में बदरवास रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के किनारे की मिट्टी धंस गई।
-ग्राम पंचायत सलोन भरका में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी रोड बह गई। दो कच्चे मकान ढह गए। एक ग्रामीण घायल है।
-बैतूल में बारिश के कारण नई दिल्ली.चेन्नई रेल मार्ग पर हाईटेंशन लाइन का केबल गार्ड टूटने से ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) का इंसुलेटर फट गया। करीब साढ़े 4 घंटे तक ट्रैक बाधित रहा। 11 ट्रेन लेट हो गईं।
-खंडवा में इंदिरा सागर बांध के 10 गेट आधा मीटर और 2 गेट एक मीटर तक खोले गए हैं। इनसे 3460 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।
- ओंकारेश्वर डैम के 9 गेट खोलकर कुल 3510 क्यूमेक्स पानी नर्मदा में छोड़ा जा रहा है।
-इटारसी में तवा डैम के 3 गेट 7-7 फीट तक खुले हैं। 36372 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।
-शिवपुरी में अटल सागर बांध मडीखेड़ा के 6 गेट खोल दिए गए हैं। इनसे 2077.69 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
-मंडला जिले में बीते 24 घंटे के दौरान 1.57 इंच बारिश हुई। आज सुबह 9 बजे नर्मदा नदी का जलस्तर वॉर्निंग लेवल को पार कर 437.69 मीटर पहुंच गया है। माहिष्मती घाट का छोटा रपटा पुल डूब गया है।
-शिवपुरी के कोलारस में कार तेज बहाव में बह गई। दो लोग जान बचाने में कामयाब रहे। विदिशा में ट्रैक्टर पुलिया पार करते वक्त बह गया। चालक ने कूदकर जान बचाई। छिंदवाड़ा के तामिया में गामा जीप नदी में बह गई।
खंडवा में बारिश के पानी से निकालनी पड़ी शव यात्रा-
खंडवा में पुनासा तहसील के बीड़ गांव में गजराज सिंह राजपूत की अंतिम यात्रा जब श्मशान घाट की ओर निकली तो रास्ते में पुलिया पर एक फीट तक पानी बह रहा था। लोगों को बारिश के गंदे पानी से निकलना पड़ा। पुलिया पांच साल पहले ग्राम पंचायत ने बनवाई थी लेकिन दो बार रिपेयरिंग के बावजूद इसकी हालत दयनीय है। बारिश में इसका ऊपरी हिस्सा पूरी तरह पानी में डूब जाता है।
मुरैना में पानी भरने से स्कूल बंद-
मुरैना जिले में बारिश के कारण सबलगढ़ तहसील के कई स्कूलों में पानी भर गया है। कुछ की छतें टपक रही हैं और कई जगह स्कूल की इमारतें खस्ताहाल हो चुकी हैं। गणेशपुरा, भैराखेड़ा, अठैया का पूरा, भवरेच्छा, गठियाना का पुरा, निठारा जैसे गांवों के स्कूलों में 600 से ज्यादा छात्र-छात्राएं या तो स्कूल नहीं जा पा रहे या फिर घुटनों तक पानी में होकर स्कूल पहुंच रहे हैं।बदरवास की ग्राम पंचायत सलोन भरका में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी रोड बारिश में धंस गई।
मंदसौर में बड़ा महादेव झरना उफान पर-
मंदसौर जिले में बारिश के चलते बड़ा महादेव मंदिर का झरना उफान पर है। पानी काफी तेजी से बह रहा है। भानपुरा स्थित इस झरने को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। प्रतिबंध के बावजूद वे नहाने के लिए पानी में भी उतर रहे हैं।
एमपी में अब तक 23.7 इंच बारिश-
मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 23.7 इंच बारिश हो चुकी है जबकि अब तक 15.6 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से करीब 8 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 50 प्रतिशत अधिक है। निवाड़ी, टीकमगढ़, ग्वालियर व श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 28 प्रतिशत तक ज्यादा पानी गिर चुका है। दूसरी ओर इंदौर व उज्जैन संभाग सबसे पीछे हैं। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है।