पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया में जादू-टोना, डायन बताकर एक ही परिवार के पांच लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। हत्या के लाखों को गांव से डेढ़ किलोमीटर तालाब के पास ले जाकर जला दिया गया। इतना ही नहीं जलाने के बाद लाशों को बोरों में भरकर जलकुम्भियों के बीच छिपा दिया गया। आज सुबह मामले की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी पहुंच गए और शव को तलाश कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
खबर है कि पूर्णिया में उराव जाति के गांव में कुछ लोगों को संदेह था कि गांव के बाबू लाल उरांव, उनकी पत्नी, मां, बहू और बेटा झाड़-फूंक करता था। 3 दिन पहले गांव में एक बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत के पीछे लोगों को संदेह था कि इसी परिवार के कारण यह घटना हुई है। जिसपर देर रात गांव के 50 से ज्यादा लोग घर के अंदर आ गए, जिन्होने सीता देवी को डायन बताकर बांस के पीटना शुरु कर दिया। पश्रिजनों बचाने आए तो उनपर भी हमला कर दिया। बाबू लाल उरांव का 15 साल का बेटा सोनू किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा और नानी घर पहुंचा और घटनाक्रम की जानकारी दी। हमले के बाद आरोपियों ने शवों को गांव के कुछ दूर ले जाकर डीजल डालकर जला दिया। खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए, जिन्हे घटनाक्रम की जानकारी दी गई। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को तलाश करते हुए बंदी बना लिया। वहीं पुलिस ने शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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