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बहनों की ' राखी पर बिठाया पहरा ', जेल प्रशासन बेच रहा 50-50 रूपए में ' सीलबंद राखी किट ' !


रक्षाबंधन : अब जेल के अंदर बंदियों को नहीं बांध सकेंगी मनपसंद राखी, न खिला सकेेंगी अपने हाथों से बनी मिठाईयां
जबलपुर।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस केन्द्रीय कारागार में रक्षाबंधन पर बहनें अपने बंदी भाईयों को मनपसंद राखी नहीं बांध सकेंगी। बाहर से आने वाली राखियों पर जेल प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया है। इसके लिए जेल प्रशासन ने एक राखी किट तैयार किया है, जो जेल परिसर में आने वाले बहनें खरीदेंगी और मुलाकात के दौरान अपने भाईयों की कलाई पर बांध सकेंगी। इस किट में राखी के साथ अन्य सामग्री रहेगी।

केंन्द्रीय कारागार में हाल ही में रक्षाबंधन त्योहार पर संभावित खुली-मुलाकात में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें असुविधाओं से बचने के लिए जेल में निरूद्घ बंदियों एवं उनके परिजनों को स्पष्ट कहा है कि वे बाहर से कोई भी सामग्री न लेकर आए। प्रशासन 50 रूपए में सीलबंद राखी किट देने जा रहा है। यह किट जेल परिसर में जेल कैंटीन में मिलेगा।  इस किट में राखी, रूमाल, कुमकुम, पेड़ा, फल रहेंगा।


जेल प्रबंधन ने इसके अलावा रक्षाबंधन पर आने वाले लोगों को यह भी बताया है कि खुली मुलाकात के लिए सुबह 6 से 11 बजे तक नाम दर्ज करवाना होगा। खुली जेल में होने वाली मुलाकात में महिलाओं और उनके साथ आने वाले पांच सल से कम बच्चों को ही प्रवेश दिया जाएगा। जेल में निरूद्घ महिला बंदियों की उनके भाईयों की मुलाकात अलग से करवाई जाएगी। जेल प्रबंधन ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित सामग्री लाने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

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