कूनो पार्क में नभा चीता की मौत, शिकार करते वक्त टूटे थे दोनों पैर, अब 27 बचे..!

 

श्योपुर। कूनो पार्क में नामीबिया से लाई गई 8 साल की मादा चीता नभा की आज मौत हो गई। वन अधिकारियों के अनुसार नभा एक सप्ताह पहले अपने सॉफ्ट रिलीज बोमा में घायल मिली थी। शिकार के दौरान नभा के बाएं पैरों में फ्रैक्चर हुआ था। एक सप्ताह तक डॉक्टरों की एक्सपर्ट टीम ने उसका इलाज किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। नभा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, पीएम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। 

                                नभा की मौत के बाद कूनो में अब 26 चीते बचे हैं। इनमें 9 वयस्क चीते हैं। जिनमें 6 मादा व 3 नर शामिल हैं। साथ ही 17 भारत में जन्मे शावक भी हैं। वन विभाग के मुताबिक सभी चीते स्वस्थ हैं। वर्तमान में 16 चीते खुले जंगल में स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं। ये नियमित रूप से शिकार कर रहे हैं।  अधिकारियों के अनुसार ये चीते कूनो के पारिस्थितिकी तंत्र के अनुकूल हो चुके हैं। सभी चीतों को हाल ही में एंटी एक्टो-परजीवी दवा दी गई है। मादा चीता वीरा व निर्वा अपने शावकों के साथ स्वस्थ हैं। गांधीसागर अभयारण्य में रखे दो नर चीते भी स्वस्थ हैं। 22 नवंबर को कूनो में चीता निर्वा ने चार शावकों को जन्म दिया था। 25 नवंबर को खुद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा कर खुशी जाहिर की थी। इसके बाद 28 नवंबर 2024 को चीता निर्वा से जन्मे 2 शावकों की मौत हो गई थी। दोनों के शव क्षत.विक्षत हालत में मिले थे।


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