विदिशा. मध्य प्रदेश के विदिशा रेलवे स्टेशन पर बुधवार 16 जुलाई को आरपीएफ और विदिशा सोशल वेलफेयर सोसाइटी ने मिलकर मानव तस्करी का खुलासा किया। मंगलवार को सोसाइटी को सूचना मिली थी कि 30 से 35 नाबालिग बच्चों को मुंबई ले जाया जा रहा है।
इस सूचना के आधार पर टीम ने मुंबई समर स्पेशल ट्रेन का इंतजार किया। बुधवार सुबह 5 बजे जब ट्रेन स्टेशन पर पहुंची तो जीआरपी के साथ मिलकर सर्च अभियान चलाया गया। ट्रेन के स्लीपर और जनरल डिब्बों से 20 नाबालिग बच्चों समेत कुल 34 लोगों को उतारा गया।
पैसों का लालच देकर तैयार किया
बचाए गए ये सभी बच्चे बिहार के कटिहार जिले से हैं और मुस्लिम समुदाय से आते हैं। एक ठेकेदार ने इनके परिवार वालों को पैसों का लालच देकर बच्चों को सूरत के साड़ी उद्योग में काम कराने के लिए भेजने को तैयार किया था।
बाल कल्याण समिति के सामने किया जाएगा पेश
बच्चों को आरपीएफ थाने लाया गया है। उन्हें बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। इसके बाद उन्हें अस्थायी रूप से बाल संरक्षण केंद्र में रखा जाएगा और बाद में परिजनों को सौंपा जाएगा। कुछ बच्चे टीम को देखकर अन्य डिब्बों में चले गए थे। उन्हें उज्जैन स्टेशन पर रेस्क्यू करने की योजना बनाई गई। इस मामले में जांच अभी जारी है। जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह और उनकी टीम यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने बच्चों की तस्करी की है।