रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि 27 में से 20 लोग हिंदू समुदाय के थे और वे एक ही परिवार के सदस्य थे, जो आपस में रिश्तेदार भी थे. साथ ही बताया कि इस खतरनाक हादसे में तीन महीने की बच्ची को आश्चर्यजनक रूप से कोई नुकसान नहीं पहुंचा, उसे सिर्फ मामूली चोटें आईं. बच्ची के साथ हुए चमत्कार को सुन हर कोई हैरान.
ऐसे गिरी इमारत
इस दुर्घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि इतना बड़ा हादसा क्यों और किसकी लापरवाही से हुआ है. अधिकारियों ने अभी तक इसके पीछे की वजह के बारे में कुछ नहीं कहा है, हालांकि सिंध सरकार का दावा है कि ल्यारी में करीब 22 जर्जर इमारतों में से 14 को खाली करा लिया गया है. इस इमारत के भी जर्जर होने की बात कही जा रही है, जो कमजोर होने की वजह से ढह गई.
तीन महीने की बच्ची की कैसे बची जान
27 लोगों की जान लेने वाले हादसे में तीन महीने की एक बच्ची चमत्कारी रूप से बच गई है. बचाव कर्मी मजहर अली ने बताया कि जब वह और उनके सहकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे तो तुरंत मलबे के नीचे संभावित जीवित लोगों की तलाश शुरू कर दी गई. उन्होंने कहा, हमें मलबे के पास तीन महीने की एक बच्ची जिंदा और स्वस्थ मिली, जबकि लड़की की मां और परिवार के कई सदस्यों के शव कुछ दूरी पर मिले. मजहर कहते हैं लड़की के शरीर पर धूल-मिट्टी लगी हुई थी और मामूली चोट के कारण उसकी नाक से खून निकल रहा था. इसके अलावा लड़की के शरीर पर कोई घाव नहीं था.
उन्होंने कहा, लड़की को जहां पाया गया, वहां से थोड़ी दूरी पर उसकी मां के शव को मलबे से काटकर निकाला गया. उसके परिवार के अन्य सदस्यों के शव भी भारी मलबे से निकाले गए. मजहर का मानते हैं कि हो सकता है, जब ऊपर से मलबा गिरने लगा तो मां ने बच्चे को बचाने के लिए उसे अपने से दूर फेंक दिया, जिसके कारण वह बच गई.