इटारसी, उज्जैन में भारी बारिश, बाजार, विद्युत स्टेशन में भरा पानी, जबलपुर सहित 15 जिलों में भारी बारिश के आसार


जबलपुर/इटारसी। एमपी में एक बार फिर बारिश का स्ट्रांग सिस्टम बन गया है। आज उज्जैन व नर्मदापुरम के इटारसी में भारी बारिश हुई है। इटारसी में बारिश के चलते बाजार, शासकीय रेस्ट हाउस व विद्युत स्टेशन में पानी भर गया। कर्मचारियों ने बिजली की सप्लाई बंद की और बाहर आ गए। इसी तरह सिवनी मालवा तहसील के ग्रामीण इलाकों में खेत और रास्ते डूबे रहे। डिंडौरी में दोपहर 12 बजे के बाद पानी गिरा। शाजापुर में नदी से मछली पकडऩे गए 27 वर्षीय विशाल केवट की आकाशीय बिजली की चपेट में आकर मौत हो गई                

         मौसम विभाग की माने तो जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिरने का अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में गरज-चमक, आंधी व हल्की बारिश का दौर रहेगा। बीते 24 घंटे के दौरान 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। गुना में सबसे ज्यादा 3 इंच पानी गिर गया। इसके अलावा भोपाल, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, बालाघाट, ग्वालियर, रायसेन, सिवनी, दमोह, इंदौर, उज्जैन, सागर, छिंदवाड़ा, सतना, बैतूल, सीहोर, रतलाम, धार, मंडला, रीवा सहित कई जिलों में हल्की बारिश का दौर चलता रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मध्यप्रदेश में फिलहाल मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हुआ है। अगले चार दिन तक कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश का अलर्ट है। मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 21 इंच बारिश हो चुकी है जबकि अब तक 13.7 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है जो 53 प्रतिशत से अधिक है। वहीं निवाड़ी, टीकमगढ़ व श्योपुर में कोटा पूरा हो चुका है, यहां पर सामान्य से 15 प्रतिशत अधिक पानी गिर चुका है। ग्वालियर सहित 5 जिलों में भी बेहतर स्थिति है। यहां 80 से 95 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर इंदौर व उज्जैन संभाग सबसे पीछे हैं। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर व आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है।



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