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ट्रेन कंट्रोलर विभाग में बदलाव पर कर्मचारी खफा, रेलवे बोर्ड के कई अहम मुद्दों को अनसुलझा छोड़ऩे पर विवाद बढ़ा

नई दिल्ली. रेलवे के ट्रेन नियंत्रण (कंट्रोलर) विभाग में हुए बदलावों पर कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी उच्च स्तर पर जाहिर कर दी है। विभाग के कर्मचारियों के एक वर्ग का कहना है कि रेलवे बोर्ड ने काम को बेहतर करने और विश्व स्तरीय मानक तय करने के प्रयास में कर्मचारियों के कई अहम मुद्दों को अधूरा छोड़ दिया है। 25 जून को रेल मंत्रालय ने ट्रेन नियंत्रण विभाग में सुधार को लेकर कई एलान किए थे। इसमें भर्ती, तीन वर्ष का निश्चित कार्यकाल, बेहतर चयन मानदंड, काम का विश्लेषण समेत कई कल्याणकारी उपाय शामिल थे।

इस पर कर्मचारी संगठन और ट्रेन नियंत्रक (टीसी) ने निराशा जाहिर की है।  भारतीय रेलवे कर्मचारी महासंघ (आईआरईएफ) के महासचिव सर्वजीत सिंह का कहना है कि मंत्रालय ने स्ट्रेस अलाउंस और  नाइट ड्यूटी अलाउंस में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। पहले यह निर्णय लिया गया था कि स्ट्रेस अलाउंस मौजूदा 5000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। हमें पता चला कि रेल मंत्री ने भी इसे मंजूरी दे दी थी, लेकिन रेलवे बोर्ड के अधिकारियों की अनदेखी के चलते वित्त मंत्रालय ने इसे अस्वीकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि ग्रेड पे लेवल आठ और नौ में विभिन्न तनाव और नौकरी से संबंधित गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीडि़त वरिष्ठ टीसी के लिए रात्रि ड्यूटी भत्ता लागू किया जाना चाहिए। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग में ट्रेन की आवाजाही के चौबीसों घंटे काम करने की समझ का अभाव है और इसीलिए उन्होंने रात्रि ड्यूटी भत्ते पर अधिकतम सीमा लगा दी है। इससे वरिष्ठ नियंत्रक इसके दायरे से बाहर हो गए।

बोर्ड ने कंट्रोलर पद की गरिमा को कम किया

एक (ट्रेन कंट्रोलर) टीसी ने कहा कि पहले अन्य विभागों के केवल ग्रेड पे लेवल पांच के कर्मचारी ही लेवल छह में पदोन्नत होकर ट्रेन नियंत्रक बनते थे। ग्रेड पे लेवल दो के कर्मचारियों को नियंत्रक बनने की अनुमति देकर रेल मंत्रालय ने पद की गंभीरता को कम कर दिया है। जिसमें आगामी उच्च गति वाले यातायात आंदोलन और परिसंपत्ति उपयोग के मद्देनजर विभिन्न परिचालन चुनौतियां शामिल हैं।

पदोन्नति के अवसर होंगे प्रभावित

टीसी इस बात से भी परेशान हैं कि सुधारों के तहत नियंत्रण विभाग में ग्रेड पे लेवल सात के 50 प्रतिशत रिक्त पदों को विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं के माध्यम से अन्य फीडर संवर्गों के अभ्यर्थियों से भरा जाएगा। एक अन्य टीसी ने कहा कि बदलावों से कई नियंत्रकों के लिए पदोन्नति के अवसर बाधित होंगे, जो ग्रेड पे लेवल छह पर काम कर रहे हैं और जिनके पास अन्य फीडर कैडर से आने वाले उम्मीदवारों की तुलना में नियंत्रण कार्यों का बेहतर ज्ञान, अनुभव और समझ है।

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