khabar abhi tak

जगतगुरु राघवदेवाचार्य धमकी कांड: 45 दिन में कार्रवाई करें जबलपुर एसपी



जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध करने पर जगतगुरु सुखचार्य देवाचार्य स्वामी राघवदेवाचार्य को सर तन से जुदा करने की धमकी देने और पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई न करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक जबलपुर को 45 दिन के भीतर विधि सम्मत वैधानिक कार्रवाई कर अभ्यावेदन का निराकरण करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता संत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पैरवी करते हुए अदालत को बताया कि 11 अप्रैल 2025 को सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं के अपमान के विरुद्ध ज्ञापन सौंपने के बाद दूसरे समुदाय के असामाजिक तत्वों ने जानलेवा धमकियां देकर सामाजिक माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया था।

​अधूरी कानूनी प्रक्रिया और लापरवाही पर अदालत का हस्तक्षेप

​मदन महल थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद 11 अप्रैल 2025 को अपराध क्रमांक 123/25 दर्ज कर 20 लोगों को नामजद किया था। जांच एजेंसी ने शुरुआत में सिर्फ 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जो बाद में जमानत पर रिहा हो गए। इसके बाद विवेचना अधिकारी ने न तो बाकी 17 आरोपियों को पकड़ा और न ही सक्षम न्यायालय में चालान पेश किया। पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

​संत निवास पर हमले के बाद न्याय की गुहार

​कार्रवाई न होने से बेखौफ आरोपियों ने 28 सितंबर 2026 को जगतगुरु के आवास पर हमले की नाकाम कोशिश की, जिसकी प्राथमिकी भी मदन महल थाने में दर्ज कराई गई थी। हजारों भक्तों व स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बाद भी जब पुलिस प्रशासन निष्क्रिय बना रहा, तब पीड़ित पक्ष को न्याय के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अदालत ने शासकीय अधिवक्ता को केस डायरी तलब करने का आदेश देकर संपूर्ण पुलिस रिकॉर्ड का बारीकी से परीक्षण किया। अवलोकन के उपरांत न्यायालय ने जिला पुलिस प्रमुख को समय-सीमा तय कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने का अंतिम आदेश पारित किया।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak