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धनतेरस पर 357 करोड़ की धनवर्षा, ऑटोमोबाइल-सराफा बाजार में रही खरीदारी की धमक



जबलपुर।
दीपावली के पांच दिवसीय उत्सवी माहौल पुष्य नक्षत्र और धनतेरस के अवसर पर शहर के बाजारों में रौनक देखने को मिली। धनतेरस पर 357 करोड़ का व्यापार होना बताया गया है। सुबह से देर रात तक बाजारों, शोरूमों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में ग्राहकों की खरीदारी लगी रही। 

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के संभागीय अध्यक्ष दीपक सेठी ने बताया कि विभिन्न व्यापारिक संगठनों एवं व्यापारिक क्षेत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार धनतेरस पर जबलपुर में लगभग 357 करोड़ का कारोबार किया गया है। इस वर्ष ऑटोमोबाइल, सराफा क्षेत्र में जबरदस्त रौनक रही। मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, किराना, कपड़ा, बर्तन, सजावट, फर्नीचर सहित लगभग सभी प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में गत वर्ष की अपेक्षा बेहतर खरीदारी हुई। विशेष रूप से दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की बिक्री और सोना-चांदी के कारोबार ने बाजार में उत्साह बनाए रखा। इस कारोबार में बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों से लेकर छोटे दुकानदारों, स्थानीय उत्पाद निर्माताओं, कारीगरों एवं विभिन्न सेवा क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भागीदारी रही।


रियल एस्टेट में कम रहा कारोबार

धनतेरस एवं दीपावली के व्यापारिक उत्सव में रियल एस्टेट अर्थात जमीन, प्लॉट, डुप्लेक्स, फ्लैट एवं कमर्शियल प्रॉपर्टी के कारोबार में इस वर्ष अपेक्षित उत्साह देखने को नहीं मिला। कैट के व्यापारिक आकलन के अनुसार रियल एस्टेट क्षेत्र में पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 50 प्रतिशत कारोबार भी दर्ज नहीं हो पाया। बिल्डरों एवं प्रॉपर्टी व्यवसायियों द्वारा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अपनी ओर से विभिन्न प्रकार के ऑफर, छूट एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, लेकिन बाजार में इनका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दिया।

क्षेत्रवार व्यापारिक अनुमानित आकलन

ऑटोमोबाइल सेक्टर- 80 करोड़ 

सराफा बाजार- 210 करोड़ 

मोबाइल फोन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स- 13 करोड़ 

बर्तन, क्रॉकरी, घरेलू उपयोग की सामग्री- 6 करोड़

कपड़ा एवं रेडीमेड गारमेंट्स- 4 करोड़

मिठाई, नमकीन, किराना एवं खाद्य सामग्री- 20 करोड़

सजावट, लाइटिंग एवं इलेक्ट्रिकल सामग्री- 8 करोड़ 

पूजन सामग्री एवं धार्मिक वस्तुएं- 4 करोड़ 50 लाख

फुटवियर, फैशन एवं कॉस्मेटिक- 4 करोड़

फर्नीचर एवं फर्निशिंग- 5 करोड़

बेकरी, फल एवं अन्य खाद्य सामग्री- 3 करोड़

पैकेजिंग, परिवहन एवं अन्य सहायक सेवाएं- 3 करोड़ 50 लाख

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