प्रदर्शनकारी छात्र नेता अपनी मांगों का ज्ञापन सीधे कुलपति को सौंपना चाहते थे। इसी दौरान कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल छात्रों से बात करने और ज्ञापन लेने पहुंचे। कुलसचिव के सामने छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने छात्र संघ चुनाव को लेकर शासन-प्रशासन पर चुनाव टालने का आरोप लगाया। छात्र नेताओं ने कहा कि शासन-प्रशासन जानबूझकर छात्र संघ चुनाव कराने में देरी कर रहा है। बातचीत के दौरान ही छात्र नेताओं ने कुलसचिव के सामने अपना ज्ञापन फाड़ दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने संबल योजना और परीक्षा फॉर्म से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं। उनका कहना था कि इन मामलों में भी विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्र नेता नमन शर्मा ने बताया कि संबल योजना के तहत दाखिला लेने के बावजूद दूसरे वर्ष में विद्यार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। उन पर दो साल की फीस एक साथ जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। नमन ने बताया कि इस मामले में विद्यार्थियों ने कोर्ट में केस भी लगाया था। छात्रों के अनुसार, कोर्ट ने संबल कार्ड लगाने वाले विद्यार्थियों को परेशान न करने और उन्हें परीक्षा में बैठने देने का आदेश दिया था। छात्रों का आरोप है कि इसके बावजूद कॉलेज प्रशासन ने केवल उन्हीं विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने दिया, जिन्होंने कोर्ट में केस लगाया था। बाकी विद्यार्थियों को अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।