जबलपुर। शहर के मुख्य आईएसबीटी बस स्टैंड परिसर में सेवा संकल्प अभियान के तहत एक विशाल निःशुल्क नेत्र जांच शिविर लगाया गया। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्रीमती रिंकू शर्मा, उप परिवहन आयुक्त मनीन्द्र कुमार सिंह तथा आरटीआई विक्रम सिंह ठाकुर के संयुक्त मार्गदर्शन में यह जनकल्याणकारी आयोजन संपन्न हुआ। इस विशेष चिकित्सीय शिविर को सफल बनाने में दादा वीरेन्द्र जी नेत्र संस्थान की विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने तकनीकी व चिकित्सीय सहयोग प्रदान किया। शिविर स्थल पर सुबह से ही बस चालकों, परिचालकों, सहायक स्टाफ तथा आम यात्रियों की भारी भीड़ जुटी, जहां सभी आगंतुकों की आंखों का विस्तृत परीक्षण बिना किसी शुल्क के किया गया।
सड़क हादसों पर लगाम लगाने हेतु दृष्टि परीक्षण
परिवहन तंत्र को सुरक्षित बनाने की दिशा में चालकों का शारीरिक रूप से तंदुरुस्त होना बेहद जरूरी माना गया है। सार्वजनिक वाहनों को नियंत्रित करने वाले स्टाफ की नजर कमजोर होने पर रास्तों में दुर्घटनाओं का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। दूरदर्शिता की कमी, मोतियाबिंद अथवा धुंधलेपन के शुरुआती लक्षणों की समय रहते पहचान कर बड़े संकटों को टाला जा सकता है। बस संचालन से जुड़े कर्मियों को नियमित अंतराल पर अपनी आंखों का परीक्षण कराने, जरूरी चश्मे का इस्तेमाल करने और धूप व धूल से सुरक्षा बरतने के तरीके समझाए गए।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी रोशनी बचाने की सलाह
संस्थान के नेत्र विशेषज्ञों ने आधुनिक मशीनों के जरिए दृष्टि दोष, रतौंधी, नजर का खिंचाव तथा लेंस संबंधी विकारों की पड़ताल की। बस स्टैंड से गुजरने वाले दैनिक यात्रियों ने भी अपनी बारी का इंतजार कर इस सुविधा का पूरा लाभ उठाया। मरीजों को पौष्टिक आहार, पर्याप्त नींद और यात्रा के दौरान रोशनी के समुचित उपयोग की जानकारी दी गई। गंभीर समस्या से ग्रस्त व्यक्तियों को आगे के उपचार तथा रियायती दरों पर ऑपरेशन हेतु मार्गदर्शन मिला। इस प्रकार का सामूहिक प्रयास सार्वजनिक सुरक्षा को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करता है।

