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एमपी ट्रांसको का विज्ञान मेले में शानदार जलवा, ग्रिड प्रबंधन और हॉट सूट बने विशेष आकर्षण

 



जबलपुर। भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर में 22 से 26 सितंबर 2026 तक आयोजित 13 वे राज्य स्तरीय विज्ञान मेले में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने सरकारी उपक्रम श्रेणी में दूसरा स्थान हासिल किया है। इस प्रतिष्ठित आयोजन में ऊर्जा विभाग के इस उपक्रम ने एनटीपीसी और भारत पेट्रोलियम जैसी दिग्गज सार्वजनिक कंपनियों के बीच अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित की। एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संदीप गायकवाड की देखरेख तथा अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रदीप सिंह राघव व राजेश शांडिल्य के नेतृत्व वाली तकनीकी टीम ने केवल 6 घंटे के अल्प समय में यह पूरा स्टॉल खड़ा किया था। इस संयुक्त प्रयास के फलस्वरूप प्रदीप सिंह राघव, राजेश शांडिल्य, सुधीर नेमा, अतुल नाबर, अवधेश चौबे, राजेश्वर सिंह ठाकुर तथा आशीष जैन ने मंच पर उपस्थित होकर यह पुरस्कार ग्रहण किया। कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने पूरी टीम को इस उत्कृष्ट कार्य निष्पादन और तकनीकी समझ के लिए बधाई संदेश प्रेषित किया है।

​बिजली आपूर्ति और निगरानी की आधुनिक तकनीकें उभरीं

​प्रदर्शनी में आए हजारों छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों ने ग्रिड संचालन से जुड़े कई सजीव प्रारूप देखे। ट्रांसमिशन लाइनों के जाल को दर्शाने के साथ-साथ जगह की बचत करने वाले गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन और परंपरागत एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन की बनावट समझाई गई। संचार तंत्र को सुरक्षित रखने वाले ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क तथा ओपीजीडब्ल्यू तकनीक के लाइव सेटअप ने जानकारों को काफी प्रभावित किया। बिजली तंत्र के संतुलन और तात्कालिक सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए उपयोग होने वाले एसएलडीसी तथा स्काडा डिस्प्ले पैनल के जरिए ग्रिड प्रबंधन की आंतरिक कार्यप्रणाली स्पष्ट की गई। दूर बैठकर उपकरणों को नियंत्रित करने वाली रिमोट वीडियो निगरानी प्रणाली और आयसोलेटर संचालन ने बिजली विभाग में आ रहे ऑटोमेशन के दौर को सामने रखा। भूमिगत लाइनों के लिए विकसित आधुनिक केबल नेटवर्क की कार्यप्रणाली भी आगंतुकों को बारीकी से बताई गई।

​आपात सुरक्षा व्यवस्था बनी मुख्य आकर्षण

​तकनीकी खराबी का सटीक स्थान तय करने वाला अत्याधुनिक फॉल्ट लोकेटर युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय रहा। कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में टावर खड़े करने की प्रक्रिया समझाने के लिए पाइल फाउंडेशन और भारी ढांचों के स्कैफोल्डिंग मॉडल लगाए गए थे। किसी भी प्राकृतिक आपदा या गंभीर दुर्घटना के समय बहुत कम समय में बिजली सेवा बहाल करने वाले इमरजेंसी रिस्टोरेशन सिस्टम ने विशेषज्ञों की वाहवाही लूटी। सबसे अनूठा प्रदर्शन उस विशेष हॉट सूट का रहा, जिसे पहनकर कुशल लाइनमैन चालू बिजली लाइन में बिना आपूर्ति बंद किए सुधार कार्य को अंजाम देते हैं। इसे देखकर विद्यार्थियों ने बिजली सुधारकों की कार्यक्षमता और सुरक्षा के उच्च मानकों को पहली बार इतने करीब से अनुभव किया।

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