जबलपुर। 11 दिवसीय श्रीगणेश महोत्सव के समापन अवसर पर शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी से शुरू होने वाले प्रतिमा विसर्जन को लेकर व्यापक प्रबंध किए गए हैं। कलेक्टर, एसपी और नगर निगम कमिश्नर की निगरानी में शहरी व ग्रामीण अंचलों में चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। ग्वारीघाट विसर्जन कुंड, तिलवाराघाट, भेड़ाघाट, लम्हेटाघाट, भटौली, अधारताल, सूपाताल और हनुमानताल सहित सभी जलस्रोतों पर सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक पुलिस बल मुस्तैद रहेगा। प्राकृतिक जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से प्रशासनिक अधिकारियों ने नागरिकों से केवल तय विसर्जन कुंडों में ही प्रतिमाएं विसर्जित करने का आह्वान किया है। संबंधित थाना प्रभारियों व संभागीय अधिकारियों को लगातार जमीनी निरीक्षण कर सुरक्षा व यातायात नियंत्रित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नर्मदा तटों और प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग
शोभायात्रा जुलूस को ध्यान में रखकर शहर भर में सुगम यातायात के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुण्य सलिला मां नर्मदा के प्रमुख तटों की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरियर लगाए गए हैं। तिलवारा, भटौली, अधारताल, सूपाताल और हनुमानताल जैसे प्रमुख विसर्जन केंद्रों पर जिला पुलिस बल के साथ ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की संयुक्त ड्यूटी लगाई गई है। बड़े तालाबों, विसर्जन घाटों और नहरों के संवेदनशील किनारों पर बैरिकेड्स लगाकर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था की स्थिति न बने।
घाटों पर लाउडस्पीकर से होगी विशेष निगरानी
सभी चिह्नित घाटों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम सक्रिय रहेगा, जिसके जरिए ड्यूटी पर तैनात अधिकारी लगातार जरूरी दिशा-निर्देश प्रसारित करेंगे। पीए सिस्टम के माध्यम से बच्चों, बुजुर्गों और अस्वस्थ लोगों को गहरे पानी से दूर रहने की हिदायत दी जाएगी। वाहनों के आवागमन को सुचारू रखने के लिए व्यवस्थित पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शांति व्यवस्था बनाए रखने और नियमों का पालन करते हुए आपसी सहयोग की अपील की है।
