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एमपी : 7 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट, सोमवार से फिर बदलेगा मौसम

भोपाल. मध्य प्रदेश के मौसम में सोमवार 28 सितम्बर से बदलाव देखने को मिलेगा। मानसूनी सिस्टम के कमजोर होते ही भारी बारिश का दौर थमेगा, हालांकि बादलों की आवाजाही और बूंदाबांदी जारी रह सकती है। रविवार 27 सितम्बर को 7 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 48 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोकेदार हवाएं चलने का अनुमान है।

पिछले 72 घंटे से लगातार हो रही बारिश के बाद पूर्वी और मध्य हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, डिंडोरी-उमरिया में पुल से ऊपर पानी बह रहा है। हालांकि बरगी, जोहिला और बिलगांव बांध से पानी की निकासी की गई है।  मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश एवं उससे लगे दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश पर स्थित अवदाब के पूर्वी उत्तर प्रदेश में उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए क्रमश: कमजोर होकर एक सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र में परिवर्तित होने की प्रबल संभावना है, इससे 24 घंटे बाद बारिश की गतिविधियों में कमी देखने को मिलेगी।

रविवार को 7 जिलों में ऑरेंज-येलो अलर्ट जारी

भिंड, मुरैना, रीवा, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन जिलों में भी बदला रहेगा मौसम

शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, मैहर, पांढुर्णा में झंझावात और वज्रपात के साथ 30 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है।

28 से 30 सितंबर को कहां-कहां होगी बारिश

28 सितंबर, सोमवार: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा में झंझावात और वज्रपात के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोकेदार हवाएं।

29 सितंबर, मंगलवार: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा में झंझावात और वज्रपात के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोकेदार हवाएं।

30 सितंबर, बुधवार:  भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा में झंझावात और वज्रपात के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोकेदार हवाएं चलने का अनुमान है।

जून से सितंबर तक मध्य प्रदेश में कहां-कितनी हुई बारिश

1 जून से 26 सितंबर 2026 तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 4त्न यानि 1.7 इंच बारिश कम हुई है। प्रदेश में अबतक 35.6 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 37.3  इंच होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां 4त्न ज्यादा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 11त्न कम पानी गिरा है।

अब तक 25 जिलों में सामान्य बारिश  और 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। मानसून का सामान्य समय 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है, ऐसे में एक हफ्ते के अंदर मानसून के लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। राजस्थान के कई हिस्सों से मानसून लौट भी चुका है।


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