ट्रांसको के एमडी सुनीत तिवारी ने किया निरीक्षण,पारेषण तंत्र मजबूत करने के लिए अधिकारियों को निर्देश
जबलपुर । मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने कटनी स्थित 400 केवी सबस्टेशन का विस्तृत मुआयना किया। उन्होंने राज्य के तीसरे सबसे पुराने 132 केवी शांति नगर सबस्टेशन की लाइन क्षमता बढ़ाने के प्रोजेक्ट की प्रगति जांची। इस निरीक्षण में मुख्य अभियंता टेस्टिंग एम वाय मंसूरी, मुख्य अभियंता टेस्टिंग एम ए मंसूरी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता टेस्टिंग आर सी शर्मा, कार्यपालन अभियंता एस के मुडा, कार्यपालन अभियंता आर आर पटेल, सहायक अभियंता एस के चतुर्वेदी और मनोज तिवारी उपस्थित रहे। इस दौरान शहर समेत स्लीमनाबाद, ढीमरखेड़ा और मनसकरा क्षेत्रों में ऊर्जा तंत्र को मजबूत करने के लिए लाइन उन्नयन कार्य को बिना देरी पूर्ण करने के सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।
एचटीएलएस कंडक्टर से बदलेगा कटनी का ऊर्जा ढांचा
पुराने कम क्षमता वाले तारों को आधुनिक हाई टेम्परेचर लो सैग यानी एचटीएलएस तकनीक से लैस कंडक्टरों से बदला जा रहा है। इस तकनीकी बदलाव के पूर्ण होते ही स्थानीय 132 केवी सबस्टेशन की पारेषण क्षमता में तीन गुना तक का भारी इजाफा दर्ज होगा। इससे संबंधित क्षेत्रों में ओवरलोडिंग की गंभीर समस्या से पूरी तरह मुक्ति मिल सकेगी। इसी परिसर में स्लीमनाबाद और ढीमरखेड़ा फीडर को मजबूती देने के मकसद से एक दूसरा सर्किट तैयार किया जा रहा है। इस काम की कछुआ चाल को देखकर प्रबंध संचालक ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद फील्ड अमले को स्पष्ट ताकीद दी कि संबंधित निर्माण कार्य को शीर्ष प्राथमिकता की श्रेणी में रखकर अविलंब पूरा करवाया जाए।
रबी फसल पूर्व दुरुस्त हो 750 मेगावाट आपूर्ति
आगामी कृषि चक्र शुरू होने से पहले सबस्टेशन के समस्त पोस्ट मानसून रखरखाव को अंतिम रूप देने का समय तय किया गया है। इसका सीधा उद्देश्य बिरसिंहपुर ताप विद्युत गृह से प्राप्त होने वाली 700 मेगावाट और सतना छोर से मिलने वाली 50 मेगावाट बिजली का सटीक वितरण सुनिश्चित करना है। यार्ड के भीतर संचालित नाजुक तकनीकी उपकरणों के स्थानांतरण में सुरक्षा नियमों और तय मानकों का अक्षरशः पालन करने के आदेश दिए गए। रेल यातायात को गति देने के लिए एक स्वतंत्र अतिरिक्त ट्रैक्शन फीडर स्थापित करने की रूपरेखा पर भी मंथन हुआ। शीर्ष अधिकारी ने सबस्टेशन पर तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों से रूबरू होकर उनकी तकनीकी जरूरतों तथा कार्यप्रणाली की जानकारी जुटाई।

