नई दिल्ली. रेलवे बोर्ड ने भारतीय रेल के परिचालन और पटरियों की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। रेलवे में स्वीकृत ट्रैक मेंटेनर संवर्ग की कुल संख्या के मुकाबले 15 से 25 प्रतिशत तक नए मल्टी स्किल्ड ट्रैक टेक्नीशियन (एमएसटीटी) के पद सृजित किए जाएंगे। इसके लिए पी-वे (रेलपथ) के मौजूदा कारीगर संवर्गों का विलय कर एक नया एकीकृत कैडर तैयार करने का आदेश जारी किया गया है।
यह नई व्यवस्था देश के सभी 18 रेलवे जोनों में समान रूप से लागू होगी। पदों की वास्तविक संख्या मंडलों में ट्रेनों के परिचालन घनत्व, कार्य परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों के आधार पर तय की जाएगी।
चार ग्रेड में बंटा होगा नया कैडर
रेलवे बोर्ड के अनुसार नए कैडर में लेवल-2 से लेवल-6 तक चार प्रमुख ग्रेड निर्धारित किए गए हैं-
टेक्नीशियन (ट्रैक) ग्रेड-3
टेक्नीशियन (ट्रैक) ग्रेड-2
टेक्नीशियन (ट्रैक) ग्रेड-1
सीनियर टेक्नीशियन (ट्रैक)
मौजूदा पी-वे कारीगर संवर्ग के पदों और कर्मचारियों को इस नए कैडर में समायोजित किया जाएगा, जिनकी आपसी वरिष्ठता तय नियमों के तहत निर्धारित होगी।
भर्ती और पदोन्नति (प्रमोशन) की प्रक्रिया
ग्रेड-3 के पदों का बंटवारा:
25 प्रतिशत पद रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) के जरिए सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।
50 प्रतिशत पद ट्रैक मेंटेनर और इंजीनियरिंग विभाग के लेवल-1 कर्मचारियों की पदोन्नति से भरे जाएंगे।
25 प्रतिशत पद सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (एलडीसीई) के माध्यम से भरे जाएंगे।
मिलेगी विशेष ट्रेनिंग
नए कैडर में शामिल होने वाले कर्मचारियों को वेल्डिंग, आधुनिक छोटी ट्रैक मशीनों के संचालन, कार्यस्थल सुरक्षा और रेलपथ की तकनीकी देखभाल से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को कैडर विलय की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है।
