जबलपुर/दमोह। दमोह की चीलघाट नदी में गिरे सीमेंट से भरे ट्रक में फंसी ड्राइवर व क्लीनर की लाश जबलपुर से पहुंची के्रन की मदद से मदद से देर रात दो बजे निकाल ली गई। इसके बाद आज सुबह ट्रक को भी बाहर निकाल लिया गया है। 24 घंटे तक नदी में पड़े ट्रक के अंदर ड्राइवर व क्लीनर के शव फंसे रहे।
बताया गया है कि कटनी से दमोह जा रहा सीमेंट से लोड ट्रक शुक्रवार को देर रात एक बजे के लगभग चीलघाट पुल से अनियंत्रित होकर करीब 40 फीट नीचे नदी में जा गिरा था। पुल की रेलिंग तोडऩे के बाद ट्रक नदी में उल्टा होकर फंस गया था। सुबह स्थानीय लोगों ने नदी में ट्रक देखा तो पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद कुम्हारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी। शुरुआती जानकारी में ट्रक में दो लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई थी। घटना के बाद पुलिस ने रेस्क्यू की कोशिश शुरू की, लेकिन नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण परेशानी आ रही थी। बीती सुबह दमोह से एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची थी और बचाव अभियान शुरू किया था। ट्रक में भारी मात्रा में सीमेंट लदा होने के कारण उसे हिलाना और सीधा करना मुश्किल था। बीती शाम 7 बजे के लगभग जबलपुर से तीन क्रे न बुलवाई गई, जिनकी मदद से देर रात एक बजे के लगभग ट्रक के अंदर से ड्राइवर अभिषेक पिता सुरेश वंशकार 23 वर्ष व क्लीनर तुलसीनाथ पिता गणेश 38 वर्ष निवासी ग्राम सुन्नंतात्योंदा जिला विदिशा के शवों को निकाल लिया गया। इसके बाद आज सुबह तीन क्रेन की मदद से ट्रक को बाहर निकाला गया है।
क्रेन से ट्रक हिलाया तो दिखा हाथ-
बीती रात करीब 9:30 बजे तक रेस्क्यू टीम को कोई सफलता नहीं मिली थी। इसके बाद क्रेन की मदद से ट्रक को धीरे-धीरे हिलाया गया। इसी दौरान ट्रक की केबिन के अंदर एक हाथ दिखाई दिया। हाथ दिखाई देने के बाद एसडीआरएफ के जवानों ने ट्रक के आसपास पहुंचकर जांच की। भारी टॉर्च की रोशनी में केबिन के अंदर दो लोगों के शव दिखाई दिए। इसके बाद तीनों क्रेनों की मदद से ट्रक को हिलाकर शवों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब 1 बजे ट्रक से पहला शव बाहर निकाला गया। इसके करीब एक घंटे बाद रात 2 बजे दूसरा शव भी नदी से बाहर निकाल लिया गया।