सीजीएचएस सलाहकार समिति की बैठक में सुविधाओं और स्वास्थ्य सुधारों पर हुई व्यापक चर्चा
जबलपुर। केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना की अहम सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें लाभार्थियों की सुविधाओं, चिकित्सा व्यवस्थाओं और दवाओं की उपलब्धता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चारों डिस्पेंसरियों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरपी रावत के साथ विस्तार से चर्चा हुई। अनिल शुक्ला ने बताया कि बैठक में सलाहकार प्रतिनिधियों ने बताया कि आयुर्वेदिक उपचार के लिए पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार अधिकृत संस्थान है, लेकिन प्रक्रिया पूरी तरह कैशलेस न होने के कारण लाभार्थियों को कुछ मदों में अपनी जेब से भुगतान करना पड़ता है। प्रतिनिधियों ने इसे पूर्णतः कैशलेस करने या भुगतान की गई राशि का रिम्बर्सेमेंट कराने पर जोर दिया, ताकि पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े।
खास सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं सभी पेंशनभोगी
बैठक में दवाओं के प्रमाणीकरण और नियमित गुणवत्ता जांच की मांग उठाई गई। इस पर डॉ. आरपी रावत ने आश्वस्त किया कि यह गंभीर मामला जबलपुर मुख्यालय के अपर निदेशक डॉ. एके सुधांशु के संज्ञान में लाया जाएगा। प्रतिनिधियों ने वर्षा ऋतु के दौरान डिस्पेंसररी परिसर में जलभराव और कीचड़ की समस्या की ओर ध्यानाकर्षण कराया। पानी भरने से वाहन पार्किंग में परेशानी होती है तथा विषैले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है, जिसके शीघ्र समाधान की मांग की गई। चिकित्सकों द्वारा आवश्यकतानुसार 2 से 3 महीने की दवाएं एक साथ देने के निर्णय का सभी نے स्वागत किया। इससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों और वरिष्ठ नागरिकों को बार-बार डिस्पेंसररी के चक्कर काटने से राहत मिली है।
ब्रांडेड दवाओं की उपलब्धता से बढ़ा मरीजों का आत्मविश्वास
विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा लिखी गई मूल ब्रांड की दवाएं ही उपलब्ध कराने पर प्रतिनिधियों ने संतोष व्यक्त किया और कहा कि इससे लाभार्थियों में उपचार के प्रति विश्वास और आत्मबल बढ़ा है। आयोजन को सफल बनाने में प्रभारी मनोज कुमार, लव डांगी, जितेंद्र कुमार, प्रदीप सिंह, आनंद कुमार, रवि दहायत, गोपाल भट्ट, हेमराज आर्मो एवं राशि सहित समस्त स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।
