जबलपुर। जबलपुर में सीएनजी के नाम पर सीबीजी बेचे जाने का मामला सामने आया है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने कलेक्टर को शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मंच का आरोप है कि शहर के गैस पंपों पर उपभोक्ताओं को सीएनजी बताकर सीबीजी दी जा रही है। इसकी कीमत सीएनजी के बराबर 105 रुपये प्रति लीटर ली जा रही है, जबकि इसकी उत्पादन लागत महज 60 रुपये प्रति लीटर है। इससे वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस संबंध में मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे, रजत भार्गव, वेदप्रकाश अधौलिया, मनीष शर्मा और घनश्याम सोनकर ने कलेक्टर से मिलकर दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर को तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं।
सीएनजी की आड़ में चल रहा है खेल:आरोप
सीएनजी की तुलना में सीबीजी की कैलोरिक वैल्यू कम होती है। इस कारण से सीबीजी का उपयोग करने पर कार और ऑटो के माइलेज में 5 से 6 किमी प्रति लीटर तक की कमी आ रही है। सीबीजी में ऑक्सीजन की मात्रा अधिक होती है, जो वातावरण की आर्द्रता को ज्यादा सोखती है। इसके चलते वाहनों के इंजन में तकनीकी खराबी आने की समस्या भी बढ़ रही है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन बताया है। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं को गुमराह कर महंगी दर पर सीबीजी देना सीधे तौर पर धोखाधड़ी है। इसलिए प्रशासन को सख्त कदम उठाते हुए गैस पंप संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी चाहिए। मंच ने पूरे मामले में पारदर्शी जांच की मांग की है ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं के साथ ऐसी धोखाधड़ी न हो।
कलेक्टर बोले, जांच रिपोर्ट के आधार पर होगा एक्शन
इस गंभीर मामले की शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर जबलपुर ने संज्ञान लिया है। उन्होंने अपर कलेक्टर को निर्देशित किया है कि वे इस पूरे प्रकरण की सघन जांच करें और जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यदि जांच में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान में उपभोक्ता वर्ग इस खबर से खासा आक्रोशित है और अब उन्हें प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। देखना होगा कि जांच के बाद कौन से तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करता है। उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने के लिए मंच लगातार अपनी आवाज उठा रहा है और प्रशासन भी अब सक्रिय हो गया है।
