जबलपुर। जबलपुर में NEET परीक्षा के अभ्यर्थियों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करने जा रहे नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के जिला अध्यक्ष नीरज शर्मा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। नीरज शर्मा परीक्षा के दौरान छात्र हितों और संभावित यातायात बाधाओं को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन विरोध प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया। संगठन ने पुलिस की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार बताया है। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि छात्रों के भविष्य की आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है और प्रशासन संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रहा है।
गिरफ्तारी से छात्रों में उपजा आक्रोश
जबलपुर में NEET अभ्यर्थियों के अधिकारों की बात करने पर हुई इस कार्रवाई को संगठन ने अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण माना है। पदाधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है। जब इस तरह के संवैधानिक अधिकारों को छीना जाता है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए एक गंभीर संकट की स्थिति पैदा करता है। संगठन ने साफ किया है कि इस तरह के दमन चक्र से छात्रों के अधिकारों की लड़ाई कमजोर नहीं होगी।
छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष रहेगा जारी
संगठन ने इस पुलिसिया कार्रवाई के बाद भी अपने कदम पीछे न खींचने का संकल्प दोहराया है। पदाधिकारियों के अनुसार, प्रशासन तक छात्रों की जायज समस्याओं को पहुंचाना उनकी सामाजिक और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए संगठन का हर कार्यकर्ता प्रतिबद्ध है। NEET अभ्यर्थियों के हितों और उनके बेहतर भविष्य की रक्षा के लिए आने वाले समय में भी लोकतांत्रिक तथा संवैधानिक तरीकों से आंदोलन और संघर्ष का सिलसिला लगातार जारी रखा जाएगा।
