ज़बलपुर। पश्चिम मध्य रेल ने चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती दो महीनों में बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाकर कुल 29 करोड़ 17 लाख रुपये का रिकॉर्ड राजस्व वसूला है। प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक के निर्देश पर जबलपुर, भोपाल और कोटा मंडलों में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य अधिकारियों के नेतृत्व में ट्रेनों और स्टेशनों पर लगातार सघन जांच की गई। इस कार्रवाई के दौरान बिना टिकट, अनियमित टिकट और अनबुक्ड लगेज के कुल 3 लाख 83 हजार मामले दर्ज किए गए। रेलवे के जनसंपर्क विभाग द्वारा जबलपुर से जारी आंकड़ों के अनुसार यह राजस्व पिछले साल की इसी अवधि में मिले 24 करोड़ 79 लाख रुपये के मुकाबले 17.68 प्रतिशत अधिक है।
रेलवे ने बिना टिकट यात्रियों पर कसा कड़ा शिकंजा
वाणिज्य विभाग और रेलवे सुरक्षा बल के आपसी तालमेल से चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत मुख्यालय की सीसीएम स्क्वाड ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। मुख्यालय के टिकट निरीक्षकों ने विभिन्न ट्रेनों में औचक दबिश देकर अनियमित यात्रा के 6 हजार मामले पकड़े और इनसे 40 लाख रुपये का राजस्व जमा कराया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की कड़ी निगरानी से न केवल राजस्व में वृद्धि होती है, बल्कि वैध टिकट लेकर चलने वाले आम यात्रियों को भी ट्रेनों में सफर के दौरान अनावश्यक असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता है।
तीन मंडलों की टीम ने दर्ज की शानदार सफलता
क्षेत्रीय स्तर पर की गई कार्रवाई में जबलपुर मंडल सबसे आगे रहा, जहां टिकट निरीक्षकों की टीम ने अकेले 1 लाख 69 हजार मामले उजागर किए। इस बड़ी कार्रवाई से रेलवे को 14 करोड़ 7 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई। वहीं भोपाल मंडल ने भी इस अभियान को पूरी मुस्तैदी से लागू करते हुए 1 लाख 132 हजार मामलों में कार्रवाई की, जिससे 9 करोड़ 53 लाख रुपये का राजस्व सरकारी खजाने में आया। कोटा मंडल भी इस रेस में पीछे नहीं रहा और वहां की टीम ने 76 हजार मामलों से 5 करोड़ 17 लाख रुपये का जुर्माना वसूला। रेल प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे हमेशा उचित टिकट लेकर ही सम्मानजनक सफर करें, क्योंकि आने वाले दिनों में भी यह चेकिंग अभियान इसी तरह लगातार जारी रहेगा।
