जबलपुर। नगर निगम ने कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए आउटसोर्स चालकों और ऑपरेटरों को पिछले 3 महीनों से मानदेय न देने पर राज सिक्योरिटी एजेंसी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कदम कर्मचारियों की शिकायत और जांच के बाद उठाया गया, जिसमें एजेंसी द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति का झूठा बहाना बनाने की बात सामने आई। इसी के साथ सुबह गौरीघाट के घाटों के औचक निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था बदहाल मिलने पर निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने अल्ट्रा क्लीन कंपनी के खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई करते हुए अर्थदंड ठोक दिया। निगम के कर्मशाला और भंडार विभाग के कार्यपालन यंत्री ने इस पूरी लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए दोनों निजी कपंनियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
चालकों के वेतन संकट पर निगम का कड़ा चाबुक
नगर निगम के कर्मशाला और भंडार विभाग ने 22 जून 2026 को आधिकारिक प्रतिवेदन जारी कर मेसर्स राज सिक्योरिटी फोर्स लेबर सप्लायर प्राइवेट लिमिटेड की घोर लापरवाही को उजागर किया। यह आउटसोर्स एजेंसी चालकों और मशीन ऑपरेटरों को समय पर भुगतान करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई। वेतन न मिलने से परेशान चालकों ने जब इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की, तो मामले की विस्तृत जांच बैठाई गई। जांच में खुलासा हुआ कि एजेंसी तकनीकी प्रणाली का बहाना बनाकर भुगतान टाल रही थी, जबकि वर्तमान में ऑनलाइन उपस्थिति तुरंत प्राप्त की जा सकती है। इस तानाशाही रवैये और कर्मचारियों के आर्थिक शोषण को देखते हुए कार्यपालन यंत्री ने एजेंसी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना प्रस्तावित कर दिया।
गौरीघाट पर गंदगी मिलने से भड़के निगमायुक्त
शहर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सुबह के समय जमीनी हकीकत जानने निकले निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने गौरीघाट के विभिन्न तटों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां चारों तरफ गंदगी का अंबार और बदहाल सफाई व्यवस्था देखकर वे बेहद नाराज हुए। घाटों की साफ-सफाई का जिम्मा संभाल रही अल्ट्रा क्लीन कंपनी की यह लापरवाही अक्षम्य पाई गई। निगमायुक्त ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को निर्देशित करते हुए लापरवाही बरतने वाली इस कंपनी पर तत्काल प्रभाव से अर्थदंड लगा दिया। निगम प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि जनता की सहूलियत और कर्मचारियों के हक से खिलवाड़ करने वाली किसी भी ठेका कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा।
