इस मौके पर पूर्व क्षेत्र विधायक लखन घनघोरिया का कहना था कि सर्वाधिक बिजली कटौती पूर्व विधानसभा क्षेत्र में ही की जा रही है। विद्युत मंडल को सुधार कार्यो के लिए 5 सौ करोड़ रुपए दिए गए लेकिन जमीनी स्तर पर कोई भी काम होता नहीं दिखाई दे रहा है। हर तरफ बिजली की लाइनें व कई खंभे अब भी जर्जर स्थिति में हैं, जिसके कारण त्योहारों के दौरान भी बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ता बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान हैं, बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है और स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली की जा रही है, जबकि उन्हें अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। वहीं, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय अरोड़ा ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि शहर के सभी क्षेत्रों में समान रूप से बिजली आपूर्ति की जा रही है। अरोड़ा के अनुसार, मानसून से पहले कभी-कभी ट्रिपिंग की समस्या हो सकती है, लेकिन इसे शीघ्र ही पूरी तरह दूर कर लिया जाएगा।
विधायक ने कहा, दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे है-
कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने यह भी आरोप लगाए है कि छोटे विद्युत उपभोक्ताओं के एक दो हजार रुपए बिल बकाया होने पर कनेक्शन काट दिए जाते है। वहीं बड़े बकाएदारों के लाखों रुपए के बिल होने के बाद भी कार्यवाही न होना विभाग पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है।