जबलपुर। बरगी जलाशय में हुए क्रूज़ हादसे की उच्च स्तरीय पड़ताल कर रहे विशेष आयोग के प्रमुख जस्टिस संजय द्विवेदी ने उत्तरदायित्व तय करने की कवायद शुरू कर दी है। मामले की तह तक जाने के लिए भोपाल से पर्यटन विभाग के सचिव इलैया राजा टी. और प्रबंध निदेशक दिलीप यादव को तलब कर उनके विस्तृत बयान दर्ज किए गए हैं। इससे पहले बनी प्रशासनिक समिति इन शीर्ष अधिकारियों से पूछताछ करने में पूरी तरह नाकाम रही थी। इस मामले में अब तक 15 से 20 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। आयोग ने भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों को पूरी तरह रोकने के लिए मध्य प्रदेश के सभी 15 वाटर स्पोर्ट्स और 5 क्रूज़ केंद्रों का स्वयं मौके पर जाकर कड़ा भौतिक निरीक्षण करने का निर्णय लिया है।
बंद कमरे में हुई घंटों की पूछताछ की गोपनीयता बरकरार
जस्टिस संजय द्विवेदी ने आज मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कर दिया कि शीर्ष अधिकारियों से पूछे गए तकनीकी सवालों और उनके द्वारा दिए गए जवाबों को अभी सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जांच की शुचिता बनाए रखने के लिए इस प्रक्रिया को पूरी तरह गुप्त रखा गया है, जिसके निष्कर्ष सीधे अंतिम रिपोर्ट में शामिल किए जाएंगे। पूर्व की शुरुआती जांच समिति ने जो बयान दर्ज किए थे, उन्हें भी इस नए आयोग ने अपने रिकॉर्ड में शामिल कर लिया है। यदि किसी गवाह की गवाही अधूरी या संदेहास्पद लगती है, तो उसे दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। दुर्घटना के बाद क्रूज़ को कबाड़ में बदलने और उसे तोड़े जाने की परिस्थितियों को भी जांच के मुख्य एजेंडे में शामिल किया गया है।
मध्य प्रदेश के सभी जल क्रीड़ा केंद्रों पर कड़ा पहरा
पर्यटकों की सुरक्षा और आपातकालीन जीवन रक्षक उपायों को लेकर आयोग का अगला कदम बेहद सख्त रहने वाला है। मध्य प्रदेश में जहां भी पानी से जुड़ी साहसिक पर्यटन गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां सुरक्षा मानकों का नए सिरे से कड़ा इम्तिहान होगा। इस विशेष अभियान के तहत प्रदेश के सभी चिन्हित जल क्रीड़ा स्थलों पर सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, लाइफ जैकेट की गुणवत्ता और आपातकालीन बचाव दल की जमीनी हकीकत को परखा जाएगा। आयोग इस पूरी जांच प्रक्रिया को बिना किसी समय सीमा के भटकाव के जल्द से जल्द पूरा करने में जुटा है ताकि सरकार को सुरक्षा से जुड़ी एक मजबूत और अनिवार्य नीति की सिफारिशें भेजी जा सकें।
डूबने से पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए गए साक्ष्य
डैम में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने की आशंका को देखते हुए आयोग ने क्रूज़ के सबसे महत्वपूर्ण यांत्रिक हिस्सों को सुरक्षित निकालने की मंजूरी दे दी है। पर्यटन विभाग को क्रूज़ के भारी-भरकम इंजन और जनरेटर को निकालकर सुरक्षित गोदामों में रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वे पानी में डूबकर हमेशा के लिए खराब न हों। इन यांत्रिक कल-पुर्जों को हटाने से पहले आयोग की फॉरेंसिक और तकनीकी टीम ने मौके पर जाकर सभी जरूरी फोटोग्राफ और सबूत अपने कब्जे में ले लिए थे। इन पार्ट्स को सुरक्षित रखने का मुख्य उद्देश्य यह है कि आने वाले दिनों में संबंधित निर्माता कंपनी के विशेषज्ञों को बुलाकर इनकी बारीकी से यांत्रिक जांच कराई जा सके।
