जबलपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर अपोलो जेबीपी हॉस्पिटल्स द्वारा एक विशेष पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रकृति की सुरक्षा के साथ-साथ आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद चेयरमैन डॉ. सौरभ बड़ेरिया, डायरेक्टर डॉ. शोभित बड़ेरिया, सीईओ डॉ. पुनीत मेहता और डायरेक्टर श्री निलेश रावल सहित अस्पताल के कई सीनियर डॉक्टरों और मैनेजमेंट अधिकारियों ने खुद पौधे लगाकर इस मुहिम की शुरुआत की। अस्पताल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान न केवल नए पौधे रोपे गए, बल्कि डॉक्टरों और स्टाफ ने मिलकर इन पौधों की पूरी देखभाल करने और उन्हें जीवित रखने की जिम्मेदारी भी ली।
चिकित्सा क्षेत्र के साथ सामाजिक दायित्व निभाना जरूरी
अस्पताल के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि चिकित्सीय इलाज के साथ-साथ समाज को शुद्ध माहौल देना भी बेहद जरूरी है। डॉक्टरों के अनुसार जिस तरह एक बीमार व्यक्ति को ठीक करने के लिए दवाओं की जरूरत होती है, उसी तरह मानव शरीर को हमेशा स्वस्थ रखने के लिए शुद्ध हवा और साफ पानी की आवश्यकता होती है। यह सब तभी मिल सकता है जब हमारे चारों तरफ पर्याप्त संख्या में पेड़-पौधे मौजूद हों। अस्पताल प्रबंधन ने इसे अपनी सामाजिक जिम्मेदारी मानते हुए भविष्य में भी इस तरह के प्रकृति हितैषी कार्य लगातार जारी रखने की बात कही है।
प्रदूषण नियंत्रण और जनस्वास्थ्य का गहरा संबंध
कार्यक्रम में शामिल डॉक्टरों ने वर्तमान समय में बढ़ रहे प्रदूषण और बिगड़ती जीवनशैली पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि आज के समय में अधिकांश बीमारियां दूषित पर्यावरण के कारण फैल रही हैं। पेड़-पौधे इस प्रदूषण को कम करने का सबसे आसान और प्राकृतिक माध्यम हैं। अस्पताल के अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की कि वे केवल त्योहारों या विशेष दिनों पर ही नहीं, बल्कि अपने जीवन के हर महत्वपूर्ण अवसर पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और उसे बड़ा करने का संकल्प लें।
आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की तैयारी
इस अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आज किया गया पौधरोपण हमारे कल को सुरक्षित बनाएगा। आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण देना वर्तमान समाज का सबसे बड़ा कर्तव्य है। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ वे एक स्वच्छ और सुंदर समाज के निर्माण के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं। इस पूरे आयोजन में अस्पताल के सभी विभागों के कर्मचारी और स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए और सभी ने पर्यावरण को बचाने में अपना योगदान देने का वादा किया।
