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एमपी में मेहरबान हुआ मानसून : अगले 72 घंटों में जमकर होगी बारिश, आंधी-बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

भोपाल. एमपी में अगले 72 घंटों में मानसून जमकर मेहरबान रहेगा. भले ही इस बार 9 दिन की देरी से एंट्री मारने के बाद मानसून की रफ्तार थम गई है. लेकिन बीते 3 दिनों से यह आगे नहीं बढ़ा है. जिसके कारण कई जिलों में लोग भारी गर्मी और उमस से परेशान हैं. लेकिन अब यह स्थिति बदल रही है. प्रदेश में कई जिलों में जमकर बारिश हो रही है.

 मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी मध्य प्रदेश में पूरी तरह सक्रिय होने में मानसून को दो से 3 दिन का समय और लग सकता है. हालांकि, इस दौरान प्री-मानसून की बारिश का दौर जारी रहेगा. आज भी मौसम विभाग ने प्रदेश के 43 जिलों में आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का आरेंज और यलो अर्लट जारी किया है.

इन जिलों में पहुंचा मानसून

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 24 जून को मानसून अलीराजपुर, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी और अनूपपुर में पूरी तरह सक्रिय हो गया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के आगे बढऩे के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं. जब मानसून दोबारा आगे बढ़ेगा, तो यह सबसे पहले भोपाल और उज्जैन संभाग के जिलों को कवर करेगा. प्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसून सबसे आखिरी में दस्तक देगा.

40 से अधिक जिलों में येलो और आरेंज अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शनिवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में यलो अलर्ट जारी किया है. इसके अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पडऩे की संभावना है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. जबकि छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जैसे दक्षिणी जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी चेतावनी दी गई है.

जून में अब तक सूखे जैसे हालात, औसत से 41 प्रतिशत कम वर्षा

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस साल जून के महीने में मानसून की सुस्ती के कारण पूरे मध्य प्रदेश में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है. 1 जून से 27 जून 2026 तक की स्थिति में पूरे प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. राज्य में इस अवधि में सामान्य तौर पर 107.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 63.5 मिमी ही वास्तविक बारिश हुई है. सूखे का सबसे अधिक असर अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, जबलपुर और सागर जैसे जिलों पर पड़ रहा है.

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