रतलाम. एमपी के रतलाम जिले में गुरुवार रात ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। करंट की चपेट में 10 से अधिक लोग आ गए। इनमें 3 की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हैं। घायलों में 5 की हालत गंभीर है। सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घटना पिपलोदा के हतनारा गांव की है।
जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान रशीद खान, सड्डू हुसैन और अरबाज खान के रूप में हुई है। हालांकि अरबाज के परिजन उसे अस्पताल से कहीं और ले गए। इस कारण प्रशासन ने 2 मौतों की पुष्टि की है, जबकि ड्यूटी डॉक्टर रविंद्र सोलंकी ने 3 मौतों की पुष्टि की है।
घायलों का मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज
मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायलों में अनास पिता अकरम (16), मोइन शाह पिता इश्क शाह (35), रहीम खान, अख्तियार खान, इरफान, शाहरुख, शकील, रईस, मोहम्मद और वहीद शामिल हैं। वहीं इब्राहिम पिता हनीफ को रतलाम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
करीब 200 लोग जुलूस में थे शामिल
बताया जाता है कि मुहर्रम के अवसर पर हतनारा गांव में ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस में करीब 200 लोग शामिल थे। इसी दौरान लगभग 20 फीट ऊंचाई पर गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से ताजिया टकरा गया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, बिजली लाइन काफी नीचे थी। ताजिया के संपर्क में आते ही करंट फैल गया और आगे चल रहे कई लोग जमीन पर गिर पड़े। हादसे के समय मौके पर न पुलिस मौजूद थी और न ही बिजली विभाग का कोई कर्मचारी।
हादसे के वक्त का वीडियो भी आया सामने
घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें करंट लगने के बाद जुलूस में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है। लोग चीखते-चिल्लाते नजर आ रहे हैं, जबकि कई लोग जमीन पर पड़े दिख रहे हैं। आसपास के लोग घायलों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
डॉक्टर बोले- तीन लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था
रतलाम मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात डॉ. रविंद्र सोलंकी ने बताया कि तीन लोगों की पहले ही मौत हो चुकी थी। उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। 3 मृतकों में से 2 के परिजन औपचारिक कागजी प्रक्रिया पूरी किए बिना उन्हें अपने साथ ले गए। उन्हें बता दिया गया था कि उनकी धड़कनें बंद हो चुकी हैं।
एएसपी बोले- हाईटेंशन लाइन से टकराने के बाद हुआ हादसा
रतलाम एएसपी राकेश पंद्रो ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई और सुरक्षा मानकों में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।
